जातीयता समीकरण से मास्टर स्ट्रोक लगाने की जुगत में दिग्गज

हाल सहकारिता बैंक के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव का अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर आमने-सामने का मुकाबला निदेशक मंडल के आठ सदस्य चुने जा चुके हैं निर्विरोध समस्तीपुर : मतदान के मुहाने तक आते-आते सहकारिता बैंक के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव जातीयता के रंग में डूबता जा रहा है. पैक्स व व्यापार मंडल […]

हाल सहकारिता बैंक के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के चुनाव का

अध्यक्ष व उपाध्यक्ष पद पर आमने-सामने का मुकाबला
निदेशक मंडल के आठ सदस्य चुने जा चुके हैं निर्विरोध
समस्तीपुर : मतदान के मुहाने तक आते-आते सहकारिता बैंक के अध्यक्ष व उपाध्यक्ष का चुनाव जातीयता के रंग में डूबता जा रहा है. पैक्स व व्यापार मंडल पर ही इसका असर नहीं हो रहा, बल्कि पंचायत प्रतिनिधियों से लेकर माननीय की भी गतिविधि बढ़ गयी है. सहकारिता के इस चुनाव में जातीयता इतनी हावी हो चुकी है कि वोटर व नेता सभी एक-दूसरे को इसी नजरिये से देख भी रहे हैं. नेता जातीयता के आधार पर वोटर तक पहुंच रहे हैं. वहीं वोटर भी उसी हिसाब से आनेवाले नेताओं को भाव भी दे रहे हैं. उम्मीदवार जातीय गोलबंदी में इस कदर जुटे हुए हैं कि कई माननीयों को भी इसमें झोंक दिया है. इससे इनकी भी गतिविधि बढ़ सी गयी है.
इधर, सहकारिता पर पैनी नजर रखने वालों को मानना है कि इस वर्ष जातीयता की बिसात पर ही अध्यक्ष व उपाध्यक्ष के भाग्य का फैसला होने वाला है. इसमें कुशवाहा वोटर अध्यक्ष व यादव वोटर उपाध्यक्ष के भाग्य लिखेंगे. जानकारों की मानें तो यादव मत जिनकी संख्या सबसे अधिक है, स्वजातीय उम्मीदवार के साथ जा सकते हैं. उधर, ब्राह्मण व राजपूतों का मत जो यादव मत के ही आसपास है, दूसरे उम्मीदवार के साथ जायेगा. कुशवाहा मत एकमुश्त जिधर जायेगा वही सिकंदर होगा. वहीं कुछ कुशवाहा मतदाताओं ने विगत चुनाव से सीख लेने की भी बात कही है. उधर, उपाध्यक्ष पद पर उम्मीदवारी देने वाले एक ब्राह्मण हैं तो दूसरे कुशवाहा. यादव मतों को छोड़ दें तो ब्राह्मण व पिछड़ा मतों की संख्या करीब समान ही है. इसमें यादवों ने जिसे सहयोग किया, जीत का सेहरा उसी के सिर बंधेगा.
पांच साल बाद हो रहे इस चुनाव से कई मित्थक के टूटते नजर आ रहे हैं. प्रदेश में राजद व कांग्रेस जहां एक ही गठबंधन में है, वहीं सहकारिता चुनाव में दोनों दल के उम्मीदवार आमने-सामने ताल ठोंक रहे हैं. एक तरफ कांग्रेस के पूर्व जिलाध्यक्ष व निवर्तमान उपाध्यक्ष रामकलेवर सिंह हैं, तो दूसरी तरफ हैं
राजद के जिलाध्यक्ष विनोद कुमार राय. रामकलेवर सिंह सहकारिता के दिग्गज माने जाते हैं व वर्षों से इस विभाग में कई पदों पर विराजमान रहे हैं. वर्षों तक अध्यक्ष पद को सुशोभित कर चुके अपने दलीय नेता राम उदार चौधरी द्वारा उम्मीदवारी पेश नहीं करने पर रामकलेवर सिंह ने अपनी दावेदारी पेश की है. वहीं विनोद कुमार राय ने विगत चुनाव में भी इस पद के लिए अपना भाग्य आजमाया था. एक कांग्रेसी युवा तुर्क व सहकारिता के एक पूर्व दिग्गज के पोते की दावेदारी के बाद भी विनोद राय को पराजय का सामना करना पड़ा था. इस बार भी कांग्रेस अपना जिले का आखिरी किला बचाने की जुगत में है. इधर, उपाध्यक्ष पद पर तो जदयू के दो सिपाही आपस में भिड़े हुए हैं. इसमें ललन इसर को दल के एक बड़े नेता का आशीर्वाद प्राप्त होना बताया जाता है, जबकि सुनील कुमार ने राजनीति में कुछ साल पहले ही कदम रखा है. हालांकि, सुनील के पिता राजद नेता के रूप में जाने जाते थे. उधर, सहकारिता के इतिहास में यह पहली बार हुआ कि अध्यक्ष पद पर किसी ब्राह्मण ने अपनी उम्मीदवारी नहीं दी है.
समस्तीपुर. जिला सहकारिता बैंक चुनाव के लिए एक मतदान केंद्र बनाया गया है. सदर अनुमंडल कार्यालय स्थित न्यायालय कक्ष के सामने मतदान केंद्र बनाया गया है. सहकारिता बैंक चुनाव के लिए हर मतदाता को तीन मतपत्र दिया जायेगा. इस पर वह अपने मनपसंद उम्मीदवारों के पक्ष में मतदान कर सकेंगे. इस बाबत सहायक निर्वाचन पदाधिकारी नयन प्रकाश ने बताया कि निर्वाचन प्रमाणपत्र के साथ मतदाता मतदान में हिस्सा ले सकेंगे. इस बार के चुनाव में 381 पैक्स अध्यक्ष के साथ ही 20 व्यापार मंडल अध्यक्ष सहित 401 मतदाता चुनाव में मतदान करेंगे. बताते चलें कि सहकारिता बैंक चुनाव के लिए 18 जनवरी को सदर अनुमंडल कार्यालय में वोट डाले जायेंगे.
इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष सहित पिछड़ा वर्ग निदेशक मंडल के एक पद के लिये मतदान होगा. मतदान के बाद ही मतगणना भी प्रारंभ कर दी जायेगी.
तीन समिति अवक्रमित : मोहिउद्दीननगर बीसीओ ने प्रखंड के तीन समितियों को अवक्रमित कर दिया है. इसमें सहकारी उपभोक्ता भंडार मदुदाबाद, मोहिउद्दीननगर व दक्षिण महम्दीपुर की समिति शामिल हैं. इन तीनों समितियों में ससमय चुनाव नहीं होने के कारण इसे अवक्रमित किया गया है. इसके साथ ही यहां प्रशासक की भी तैनाती कर दी गयी है. तीनों की समितियों को अपने सभी मतदाताओं की सूची विभाग को सुपुर्द करने का निर्देश दिया गया है.

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