हरेराम का राजनीतिक कद बढ़ने से परेशान थे विरोधी

हसनपुर : अपराधियों की गोलियों के निशाना बने राजद नेता हरेराम यादव अपने बढ़ते सामाजिक व राजनीतिक कद के चलते हाल के दिनों में विरोधियों के निशाने पर थे. पंचायत चुनाव में पुत्रवधू ममता देवी का अहिलवार पंचायत का मुखिया चुने जाने के बाद से दिवंगत राजद नेता का सामाजिक सरोकार से वास्ता बढ़ गया […]

हसनपुर : अपराधियों की गोलियों के निशाना बने राजद नेता हरेराम यादव अपने बढ़ते सामाजिक व राजनीतिक कद के चलते हाल के दिनों में विरोधियों के निशाने पर थे. पंचायत चुनाव में पुत्रवधू ममता देवी का अहिलवार पंचायत का मुखिया चुने जाने के बाद से दिवंगत राजद नेता का सामाजिक सरोकार से वास्ता बढ़ गया था.

पंचायत में विकास कार्योंको बढ़-चढ़कर गति देना उनके राजनीतिक विरोधियों को रास नहीं आ रहा था. कहते हैं कि उनकी बढ़ती लोकप्रियता ही उनकी जान का दुश्मन बन गया. राजद नेता की शुक्रवार अहले सुबह मॉर्निंग वॉक के दौरान घर शंकरपुर से एक किलोमीटर दूर सीही मोड़ खलीफा बाबा स्थान के निकट अज्ञात अपराधियों द्वारा की गयी हत्या के कारणों को ले तरह-तरह की बात सामने आ रही है. चर्चा है कि राजद नेता हरेराम यादव के दैनिक गतिविधियों पर हत्या के साजिशकर्ताओं की नजदीक से नजर थी. हत्यारों को इस बात का पता था कि राजद नेता रोज सुबह इस सुनसान जगह पर अकेले टहलने जाते हैं.

अपराधियों ने हत्या की इतनी सटीक प्लानिंग की थी. वारदात को अंजाम देने के बाद हत्यारों का सुराग पाना मुश्किल हो गया. हत्याकांड को अंजाम देने के बाद अपराधियों का मौका-ए-वारदात से गायब हो जाना, कांड की साजिश में स्थानीय अपराधियों के संलिप्तता की आशंका को बल देता नजर आ रहा है. मृतक राजद नेता के परिजन भी हत्याकांड में नजदीकियों के ही हाथ होने का शक जाहिर कर रहे हैं. परिजनों के ही आशंका पर पुलिस ने हत्याकांड में संलिप्तता के संदेह पर पंचायत के उप मुखिया पिपरा छर्रापट्टी निवासी मुन्नी देवी के पुत्र विजय यादव को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है. परिजनों का कहना था कि मुखिया का ससुर रहने केे चलते राजद नेता हरेराम यादव के सामने उप मुखिया के पुत्र विजय यादव का कद छोटा पड़ रहा था. पंचायत के विकास कार्यों व सामाजिक मामलों में भी मुखिया के ससुर का सीधा हस्तक्षेप था. पंचायत के लोगों के अलावे इलाके के प्रबुद्ध लोग व पदाधिकारियों में भी इनकी अच्छी पैठ थी.

वहीं, दिवंगत राजद नेता जनसरोकार से जुड़े मुद्दों व आमजनों की हकमारी के खिलाफ भी मुखर होकर आवाज उठाया करते थे. यहां तक कि आमजनों के आपसी विवाद को भी मिल बैठकर निपटा दिया करते थे. इस बात से असामाजिक व अराजक तत्व अंदर ही अंदर राजद नेता से खार खाए हुए थे. पंचायत में भ्रष्टाचारियों व दलाल किस्म के लोगों की बोलती बंद करने के चलते अंदर ही अंदर अपराधी तत्व राजद नेता को अपने निशाने पर ले लिया था. हालांकि, पुलिस हत्याकांड में शामिल अपराधियों का सुराग पाने में जुट गयी है.

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