समस्तीपुर : बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने आज लालू प्रसाद के राजद पर तीखा हमला बोला और कहा कि वह यह देखकर आश्चर्यचकित हैं कि शुरू में जिन्होंने राज्य में शराब की बिक्री और खपत पर प्रतिबंध संबंधी उनके फैसले का समर्थन किया था, वे अब शराबबंदी के खिलाफ बोल रहे हैं. वह जिले में सरायरंजन क्षेत्र के झखड़ा गांव में एक जनसभा में बोल रहे थे. उन्होंने हालांकि राजद या इसके नेताओं का नाम नहीं लिया. नीतीश ने यह भी कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द उपदेश देने के बारे में नहीं, बल्कि दूसरे समुदायों के साथ शांति के साथ रहने के बारे में है.
महात्मा गांधी का जिक्र करते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि आवश्यकताएं पूरी हो सकती हैं, लेकिन लालच का कोई अंत नहीं होता. उन्होंने कहावत कफन में कोई जेब नहीं होती का भी उल्लेख किया जिसे वह भ्रष्टाचार के कई मामलों में आरोपों का सामना कर रहे राजद प्रमुख और उनके परिजनों पर हमला बोलने के लिए बार-बार दोहराते रहे हैं.
नीतीश कुमार ने कहा, मैं यह देखकर आश्चर्यचकित हूं कि जो लोग इस साल जनवरी में शराबबंदी के समर्थन में हमारे द्वारा बनायीगयी मानव श्रृंखला में मेरे साथ शामिल हुए, उन्हें अचानक से अब शराबबंदी की नीति में खामी नजर आने लगी है. राजद उस महागठबंधन सरकार का हिस्सा था जिसने बिहार में पिछले साल अप्रैल में पूर्ण शराबबंदी लागू की थी.
ये भी पढ़ें…जदयू ने 21 दिसंबर को राजद के बंद पर सवाल उठाया
इस साल 21 जनवरी को गांधी मैदान में शराब के खिलाफ बनायीगयी विशाल मानव श्रृंखला में लालू प्रसाद नीतीश के साथ खड़े थे. अब राजद प्रमुख लालू प्रसाद और उनके पुत्र एवं राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष तेजस्वी यादव शराबबंदी की नीति को लेकर नीतीश पर हमले कर रहे हैं.
ये भी पढ़ें…2018 में बिहार-झारखंड के सजायाफ्ता नेताओं की सूची होगी लंबी : सुशील मोदी
