आइसीयू बना स्टोर रूम सदर अस्पताल. गंभीर मरीजों के लिए कोई व्यवस्था नहीं
समस्तीपुर : सदर अस्पताल का आइसीयू दवा व मशीनों का स्टोर रूम बनकर रह गया है. गंभीर मरीजों के देखभाल की कोई सुविधा अस्पताल में मौजूद नहीं है. दो वर्ष पूर्व आइसीयू शुरू होने की कवायद प्रारंभ हो गयी थी. आइसीयू के लिए भवन भी मुहैया करा दिया गया. आनन-फानन में कुछ मशीनें भी आ […]
समस्तीपुर : सदर अस्पताल का आइसीयू दवा व मशीनों का स्टोर रूम बनकर रह गया है. गंभीर मरीजों के देखभाल की कोई सुविधा अस्पताल में मौजूद नहीं है. दो वर्ष पूर्व आइसीयू शुरू होने की कवायद प्रारंभ हो गयी थी. आइसीयू के लिए भवन भी मुहैया करा दिया गया. आनन-फानन में कुछ मशीनें भी आ गयीं. लेकिन, निर्धारित कमरे के कक्ष में लाखों रुपये मूल्य के उपकरण धूल फांक रहे हैं. वहीं मामला फिर ठंडे बस्ते में चला गया है. अस्पताल में आइसीयू नहीं होने के कारण गंभीर मरीजों का प्राथमिक उपचार कर उन्हें
डीएमसीएच या पीएमसीएच रेफर कर दिया जाता है. ज्यादा गंभीर होने की स्थिति में कई बार मरीज की मौत तक हो जाती है. खासकर गोली लगने व मारपीट में गंभीर रूप से जख्मी व गंभीर बीमारी वाले मरीजों को इस कारण सर्वाधिक परेशानी का सामना करना पड़ता है. आइसीयू के निर्धारित कक्ष में दवा व अन्य सामान के रखे जाने की पुष्टि डीएस डॉ एएन साही ने की है. उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग को ट्रेनिंग के लिए डॉक्टर व ए ग्रेड नर्स की सूची भेज दी गयी है. ट्रेनिंग पूरी होने के बाद कमरे की मरम्मत कराया जायेगा. उसके बाद आइसीयू के शुरू करने की कवायद शुरू करने की बात अस्पताल प्रशासन की ओर से कही गयी है.
क्या है आइसीयू : आइसीयू असल में एक खास प्रकार का कक्ष होता है जहां तमाम तरह के अत्याधुनिक जीवन रक्षक उपकरण मौजूद होते हैं. गंभीर रोग या दुर्घटना होने की स्थिति में मरीज को इसमें रखा जाता है. इस यूनिट में हर प्रकार के रोग के लिए विशेष मशीनें होती हैं. इन मशीनों के माध्यम से मरीज की स्थिति पर बारीकी से नजर रखा जाता है.
आइसीयू में होने चाहिए ये उपकरण : आइसीयू में वेंटीलेटर, इलेक्ट्रोनसीफेलोग्राफी (इइजी), इइजी बॉक्स, डाइलीसीस, सेंट्रल लाइन, इंटर कार्नियल प्रेशर मॉनीटर, कंप्रेशन बुट्स, बेडसाइड मॉनिटर, आइवी पंप, फीडिंग ट्यूब, लाइकॉक्स सिस्टम व हेमीडेक्स. इसके अलावे कुछ और भी छोटे-छोटे उपकरण आइसीयू में होने चाहिए.
प्रशिक्षण के लिए डॉक्टरों व ए ग्रेड नर्सों की सूची स्वास्थ्य विभाग की ओर से मांगी गयी थी. सूची विभाग को भेज दी गयी है. शीघ्र ही उनका प्रशिक्षण होगा. इसके बाद कमरे को खाली कर मरम्मती की जायेगी. मरम्मत के बाद आइसीयू के शुरू होने की संभावना है.
डॉ एएन साह, डीएस, सदर अस्पताल