सीतामढ़ी : जिले में बाढ़ का पानी भले हीं कम हो रहा है, लेकिन बीच-बीच में रूक-रूक कर हो रही बारिश जहां एक ओर नदियों के जलस्तर में वृद्धि कर रहीं है, वहीं बांध, रेलवे ट्रैक के किनारे व हाइवे पर शरण लिए लोगों की परेशानी बढ़ा रही है.
पिछले तीन दिनों से रूक-रूक कर हो रहीं बारिश से बागमती व अधवारा समूह की नदियों में शुक्रवार को हल्की उफनाहट दिखी. कटौझा में शुक्रवार को भी बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से ऊपर रहा. इधर, रून्नीसैदपुर में बाढ़ का पानी कम होने के बावजूद परेशानी बरकरार है. रून्नीसैदपुर के दर्जनों गांव अब भी जलमग्न है. लिहाजा बड़ी आबादी हाइवे, तटबंध व रेलवे लाइन के किनारे शरण लिए हुई है.
इसी बीच शुक्रवार को बाढ़ के पानी में डूब कर तीन लोगों की मौत हो गयी.
मृतकों में बथनाहा थाना क्षेत्र के चांदपुरा निवासी चंदर राउत के 11 वर्षीय पुत्र राजीव कुमार, सहियारा थाना क्षेत्र के सहियारा वार्ड नौ निवासी रमेश सिंह के 19 वर्षीय पुत्र नवनीत कुमार उर्फ सोनू कुमार व नानपुर थाना नानपुर निवासी नंदू लाल के पुत्र मनोरंजन कुमार शामिल है.
उधर, बैरगनिया प्रखंड के जमुआ-मड़पा के बीच बांध निर्माण करने पहुंचे बागमती प्रमंडल के इंजीनियर, संवेदक व उनके समर्थकों को लोगों ने खदेड़ कर भगा दिया. जबकि परिहार में बेतहा पंचायत के सैकड़ों बाढ़ पीड़ितों ने राहत की मांग को लेकर प्रखंड कार्यालय का घेराव कर जम कर हंगामा किया.
इधर, रून्नीसैदपुर प्रखंड के खड़का व इब्राहिमपुर तथा सुप्पी के जमला गांव में बागमती नदी में लगातार कटाव जारी है. जबकि 27 दिन बाद भी बैरगनिया का सड़क व रेल संपर्क भंग है. रून्नीसैदपुर के भादाडीह व बैरगनिया के तकिया गांव में टूटे तटबंध के अलावा क्षतिग्रस्त सड़कों के मरम्मत का काम शुक्रवार को भी जारी रहा. इलाके में रूक-रूक कर हो रही बारिश ने बाढ़ पीड़ितों की परेशानी बढ़ा दी है.
बारिश फेर रही अरमानों पर पानी:
सीतामढ़ी. जिले में पिछले 27 दिनों से बाढ़ का कहर जारी है. अब जबकी धीरे-धीरे बाढ़ का पानी कम हो रहा है, लेकिन में बारिश का कहर तेज हो गया है. पिछले तीन दिनों से रूक-रूक कर इलाके में तेज बारिश हो रहीं है. वैसे इलाके जहां बाढ़ का पानी समाप्त हो गया था, बारिश के कारण उन इलाकों में एक बार फिर जल जमाव उत्पन्न हो गया है. एक तो बाढ़ का पानी उतरने के बाद गांव-गांव कीचड़ में तब्दील होकर रह गया है, वहीं बारिश के बाद एक बार फिर जलजमाव उत्पन्न हो गया है. इधर, बाढ़ के पानी के चलते बड़ी आबादी हाइवे, बांध व रेलवे ट्रैक के किनारे रह रहीं है. बाढ़ का पानी कम होने के बाद लोग घर लौटने की तैयारी में है. लेकिन बारिश लोगों के अरमानों पर पानी फेर रहा है.
बारिश के बाद नदियों में उफान: सीतामढ़ी .
जिले में जारी बारिश के बाद बागमती व अधवारा समूह की नदियों में एक बार फिर उफान आ गया है. कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर अब भी खतरे के निशान से उपर है. शुक्रवार को कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर खतरे के निशान से 41 सेमी अधिक दर्ज किया गया. कटौझा में बागमती नदी का जलस्तर 54.14 सेमी दर्ज किया गया.
जिला आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार शुक्रवार को बागमती नदी का जलस्तर ढेंग घाट पर 69.83 सेमी, सोनाखान में 68.23 सेमी, डुब्बा घाट में 60.52 सेमी व चंदौली में 57.43 सेमी दर्ज किया गया. झीम नदी का जलस्तर सोनबरसा में 80.26 सेमी, अधवारा नदी का सुंदरपुर में 60.60 सेमी, पुपरी में 53.15 व लाल बकेया नदी का गोआवाड़ी में जलस्तर 70.23 सेमी रिकॉर्ड किया गया.
