इंजन में तेल कम, रास्ते से लौटी डीएमयू

समस्तीपुर : यात्री सुविधा के लिए प्रतिबद्ध रेलवे की लापरवाही से एक बार फिर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. 75253 समस्तीपुर से दरभंगा डेमू ट्रेन यात्रियों को लेकर स्थानीय जंक्शन से चल कर गंडक रेल पुल के समीप ही पहुंची थी कि ट्रेन के ड्राइवर ने अचानक बताया कि इंजन में […]

समस्तीपुर : यात्री सुविधा के लिए प्रतिबद्ध रेलवे की लापरवाही से एक बार फिर यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ा है. 75253 समस्तीपुर से दरभंगा डेमू ट्रेन यात्रियों को लेकर स्थानीय जंक्शन से चल कर गंडक रेल पुल के समीप ही पहुंची थी कि ट्रेन के ड्राइवर ने अचानक बताया कि इंजन में ईंधन कम है. इससे समस्तीपुर मंडल में हड़कंप मच गया. आनन-फानन में ट्रेन को वापस जंक्शन पर लाया गया. यहां इंजन में तेल डाला गया. इस दौरान जंक्शन पर ट्रेन एक घंटे तक रुकी रही. जानकारी के

इंजन में ईंधन
मुताबिक, 75212 सोनपुर से समस्तीपुर डेमू सोमवार की सुबह 8.15 बजे जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर प्लेस हुई. यहीं ट्रेन 75253 बन कर सुबह 8.55 बजे दरभंगा के लिए खुली. इसके बाद तेल कम होने की सूचना पर ट्रेन को जंक्शन के प्लेटफॉर्म नंबर तीन पर वापस लायी गयी. इंजन में तेल भरे जाने के ट्रेन पुन: सुबह 9.55 बजे दरभंगा के लिए रवाना हुई.
तेल खत्म होने की जानकारी पर यात्रियों का हंगामा
ट्रेन जब जंक्शन पर वापस लायी जा रही थी. इसी बीच यात्रियों को तेल खत्म होने की जानकारी लग गयी. उन्होंने रेलवे के इस लापरवाही के विरोध में हंगामा करना शुरू कर दिया. ट्रेन जब जंक्शन पर वापस पहुंची, तो यात्री ट्रेन से उतर कर ड्राइवर को घेर हंगामा करने लगे. इससे जंक्शन पर अफरा-तफरी का माहौल बना गया. यात्रियों ने जम कर आक्रोश जताया. इसे लेकर ड्राइवर की उनसे नोकझोंक भी हुई. अन्य कर्मचारियों ने यात्रियों को किसी तरह समझा कर शांत कराया. इसके बाद स्थिति सामान्य हुई.
क्या कहते हैं अधिकारी
ड्राइवर ने नहीं देखा मीटर
जंक्शन पर ट्रेन जब खड़ी थी, तो उसके लोको पायलट व सहायक लोको पायलट ने इस बीच यह सुनिश्चित करना सही नहीं समझा कि इंजन में तेल पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध है या नहीं और ट्रेन खोल दी. कुछ दूर आगे बढ़ कर ट्रेन शहर के बीच स्थित गंडक रेल पुल के पास पहुंच गयी थी, तभी ड्राइवर की नजर तेल के मीटर पर पड़ी, तो उसके कान खड़े हो गये. इंजन में तेल काफी कम था. उसने तुरंत ट्रेन वहां रोक दी और इसकी सूचना समस्तीपुर एएसएम कार्यालय को दी. यहां से फिर ट्रेन को रिवर्स करने का सिग्नल आनन-फानन में दिया गया.
यहां हुई चूक.ट्रेन जब सोनपुर से खुली थी, तो उसके पीछेवाले इंजन में तेल काफी कम था. वहीं पर उसे चेक कर तेल की आपूर्ति होनी चाहिए थी. इसके बाद ट्रेन जब समस्तीपुर जंक्शन पर प्लेस हुई, यहां डेमू होने की वजह से ट्रेन के पीछे वाले इंजन से दरभंगा के लिए परिचालन किया जाना था. ट्रेन के ड्राइवर इंजन में सवार होने के बाद भी तेल मीटर को नजरअंदाज कर दिये. अगर रास्ते में तेल खत्म हो जाता, तो रविवार को ही शुरू हुई समस्तीपुर-दरभंगा रेलखंड पर घंटों परिचालन बाधित हो सकता था .
समस्तीपुर-दरभंगा खंड पर रविवार से परिचालन शुरू हुआ है. डेमू की नयी रैक सोनपुर से आयी थी. मुजफ्फरपुर में तेल भरा जाना था, लेकिन वहां ट्रेनों की ज्यादा संख्या होने के कारण ऐसा नहीं हो सका. समस्तीपुर जंक्शन प्लेटफॉर्म एक पर ट्रेन प्लेस हुई थी. इस पर फ्यूल फीलिंग प्वाइंट नहीं है. प्लेटफॉर्म तीन पर ट्रेन की शंटिंग कर तेल की आपूर्ति की गयी. आपात स्थिति में ऐसा होता है.

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By Prabhat Khabar Digital Desk

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