सृजन घोटाला को देख डीएम ने खंगाली फाइलें
समस्तीपुर : भागलपुर में हुए करोड़ों रु पये के सृजन घोटाले के बाद अब सरकारी बैंक खाते पर प्रशासन की पैनी नजर टिक गई है. घोटाले के बाद जिले में बनाई गई उड़नदस्ता टीम की बैठक की गयी. जिसमें सभी विभाग के डीडीओ को निर्देश दिया गया कि वे अब बगैर अनुमति के नए खाते नहीं खोलें. साथ ही वैसे अनावश्यक खातों को भी निरस्त करें, जो अनुपयोगी हैं. साथ ही उक्त खाते में लंबित पड़ी राशि को संबंधित विभाग के शीर्ष में तत्काल जमा करें.
डीएम ने कहा कि अब प्रत्येक माह बैठक कर आय- व्यय का लेखा- जोखा रखा जाएगा. बिना वित्त विभाग व संबंधित विभाग की अनुमति के बगैर किसी भी प्रकार के सरकारी खाते बैंक में नहीं खोले जाएंगे. यदि ऐसा होता है, तो संबंधित विभाग के डीडीओ को जवाबदेह मानते हुए उन पर सख्त कार्रवाई की जाएगी. सृजन घोटाले के बाद जिला प्रशासन पैनी नजर रख रहा है.
भागलपुर में हुए सृजन घोटाला को देखते हुए जिलाधिकारी प्रणव कुमार ने सरकारी विभागों के रिकार्डों को भी खंगाला है. उन्होंने सभी अधिकारियों से बैंक खाता एवं उसमें रखे गए राशि का पूरा ब्योरा लिया. अब उन रिकार्डों को राज्य सरकार के पास भेजा जाएगा. विदित हो कि भागलपुर सहित अन्य जिलों में हुए सृजन घोटाला को देखते हुए राज्य सरकार ने इस जिले के सभी विभागों का रिपोर्ट देने का आदेश दिया था. ताकि पता चल सके कि इन कार्यालयों का बैंक खाता किस बैंक में है और उसमें कितनी राशि है. कोई गड़बड़ी तो नहीं है. राज्य सरकार का आदेश मिलने के बाद जिलाधिकारी ने जिले के सभी सरकारी विभागों के अधिकारियों से 24 घंटे के अंदर बैंक खाता का पूरा ब्योरा देने का आदेश दिया था.
पारामेडिकल कर्मियों ने की नियमितीकरण की मांग
समस्तीपुर ़ बिहार राज्य पारा मेडिकल संघ की जिला इकाई की बैठक सुधाकर कुमार सिंह की अध्यक्षता में हुई. इसमें सरकार से पारा मेडिकल कर्मियों की अविलंब नियमितीकरण करने की मांग की गयी. बीएसएससी से काउंसेलिंग मेडिकल कर्मियों की अविलंब नियुक्ति करने को कहा. इसके साथ ही संगठन की मजबूती के लिये सभी संघों को एक साथ आकर साक्षा मंच बनाने को कहा.
मौके पर बादल कुमार, अनवर करीम, प्रिया कुमारी, आशुतोष कुमार, सुशील कुमार, दिलीप कुमार, फार्माशीष्ट सत्येंद्र कौर आदि उपस्थित थे.
