वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पहल शुरू

परेशानी. शहर में कचरे का निस्तारण बनी समस्या समस्तीपुर : घरों से निकलने वाला कूड़ा शहरवासियों की मुसीबत बनने वाला है़ नगर परिषद के पास कूड़ा फेंकने की जगह नहीं बची है. पूर्व में शहर के इंद्रनगर स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में नप के द्वारा कूड़ा फेंका जा रहा था. हालांकि, रिहायशी एरिया में कूड़ा फेंकने […]

परेशानी. शहर में कचरे का निस्तारण बनी समस्या

समस्तीपुर : घरों से निकलने वाला कूड़ा शहरवासियों की मुसीबत बनने वाला है़ नगर परिषद के पास कूड़ा फेंकने की जगह नहीं बची है. पूर्व में शहर के इंद्रनगर स्थित ट्रेचिंग ग्राउंड में नप के द्वारा कूड़ा फेंका जा रहा था. हालांकि, रिहायशी एरिया में कूड़ा फेंकने पर भड़के लोगों ने जब सेवा यात्रा के दौरान सीएम से इस संबंध में शिकायत की, तो धीरे-धीरे यहां पर कूड़ा फेंकने की प्रक्रिया बंद कर नप प्रशासन ने सम्राट अशोक भवन बनाने की कवायद शुरू कर दी. वहीं शहर के माल गोदाम रोड में नप के द्वारा कूड़ा फेंका जाने लगा़ अब यहां भी स्थानीय लोगों के द्वारा गतिरोध उत्पन्न किये जाने के बाद शनिवार को सिटी मैनेजर माल गोदाम रोड पहुंच स्थिति का जायजा लिया.
बता दें कि दो दिनों पूर्व माल गोदाम रोड में सफाई कर्मी पर स्थानीय लोग कूड़ा फेंकने के मुद्दे पर भड़के थे़ इसके बाद शहर में कूड़ा उठाव पर विराम लग गया था. नतीजतन शहर में जगह-जगह कूड़े के ढेर दिखने लगे थे. सिटी मैनेजर का कहना है कि उक्त स्थल पर पहुंच गतिरोध उत्पन्न करनेवालों से बातचीत की जाती है, लेकिन कोई भी स्थानीय लोग नहीं आये. स्थानीय लोगों का कहना है कि ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2016 के के अनुसार कूड़ा लाया जाये और उसका निबटारा किया जाये,
ताकि जनता के स्वास्थ्य पर इसका दुष्प्रभाव न पड़े. नप के द्वारा ऐसा नहीं किया जा रहा है. अधिवक्ता प्रकाश कुमार बताते हैं कि प्रदूषण को कम करने के लिए भी राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) काफी सचेत हो गयी है. अगर, सार्वजनिक स्थानों पर कोई भी कचरा फेंकेगा, तो उसको 10 हजार का जुर्माना लग सकता है. यह नियम नप पर भी लागू हो.
कूड़ा फेंकने के लिए नप ने शुरू की जमीन की खोज : नगर परिषद प्रशासन अब कचरे को लेकर परेशान है. जिस तरह आये दिन खुले में कूड़ा फेंकने को लेकर विवाद उत्पन्न हो रहा है, इससे अब नप के सामने कूड़ा फेंकने का संकट खड़ा हो गया है. इस संकट को दूर करने की पहल शुरू कर दी गयी है. शहर से सटे सारी इलाके में दो भूमि को देखा गया है़ साथ ही कूड़ा फेंकने के लिए जमीन से संबंधित टेंडर निकालने पर भी विचार किया जा रहा है़ बता दें कि इससे पूर्व भी दो बार टेंडर निकाला गया, लेकिन किसी ने भी रुचि नहीं दिखायी थी़ एक दिन में शहर से करीब ढाई सौ टन कूड़ा निकलता है. इओ देवेंद्र सुमन का कहना है कि कूड़ा फेंकने की वैकल्पिक व्यवस्था के लिए पहल शुरू कर दी गयी है. उचित जमीन के लिए सर्च अभियान जारी है.
29 वार्डों में गठित होगी वार्ड प्रबंधन समिति : नप क्षेत्र में नल से जल का लाभ लेने वालों को पानी का बिल भरना होगा. इसके लिए सभी 29 वार्डों में जल्द ही वार्ड प्रबंधन समिति गठित होगी़ इसके लिए शीघ्र ही नगरपालिका नियमावली में संशोधन किया जायेगा़ वार्डों में पक्की नाली व गली का निर्माण, पाइप लाइन से सभी घरों में पेयजल आपूर्ति व शौचालय निर्माण की जिम्मेदारी इसी वार्ड प्रबंधन समिति पर होगी.

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