समस्तीपुर : सात साल की बच्ची के साथ दुष्कर्म कर साक्ष्य मिटाने के लिए उसकी हत्या करने के एक मामले में गुरुवार को अपर सत्र न्यायाधीश प्रथम मो इरशाद अली ने दोषी को फांसी की सजा सुनायी है. सजायाफ्ता हरेकृष्ण सदा रोसड़ा थाने के रानीपरती गांव का रहनेवाला है. सजा सुनाये जाने के बाद हरेकृष्ण सदा
दुष्कर्म के आरोपित
को कड़ी सुरक्षा में मंडल कारा भेज दिया गया. बता दें कि 23 नवंबर, 13 को रोसड़ा के सोनुपुर गांव निवासी विंदा कुरेड़ी ने रोसड़ा थाने में कांड संख्या 262/13 दर्ज कराते हुए रानीपरती निवासी पूरन सदा के दामाद हरेकृष्ण सदा पर अपनी पुत्री के साथ दुष्कर्म कर हत्या करने का आरोप लगाया था.
मामले में दोनों पक्ष की सुनने के बाद न्यायाधीश ने हरेकृष्ण को दोषी करार देते हुए फांसी की सजा सुनायी. बचाव पक्ष की ओर से अधिवक्ता कर्मवीर चौधरी, गौतम भारद्वाज और संजीत यादव ने न्यायालय में अपना पक्ष रखा. सजा सुनाये जाने के दौरान न्यायालय परिसर में काफी संख्या में लोग जमा थे. दूसरी आेर आरोपित की पत्नी ने बताया कि उनके पति को फंसाया गया है और वह निर्दोष हैं.
