समस्तीपुर : सदर अस्पताल में इलाज कराने पहुंचे मरीजों ने सोमवार को जमकर हंगामा करते हुए व्यवस्था की पोल खोल दी.
जब उन्हें बताया गया कि यहां अभी दबा उपलब्ध नहीं है, तो आक्रोशित हो उठे और सदर अस्पताल प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. जानकारी के अनुसार, जिले के विभिन्न प्रखंडों से पहुंचे मरीजों को जब सदर अस्पताल में भी एंटी रैबीज वैक्सीन नहीं मिली, तो पहले कार्यरत कर्मियों को खोरी-खोटी सुनाई बाद में दवा मांगाने के लिए दबाव बनाने लगे.
इधर, आक्रोशित मरीजों के तेवर को भांप कार्यरत कर्मियों ने इसकी सूचना वरीय अधिकारियों को दी. सूचना पर पहुंचे डीएस डॉ एएन शाही के अलावा अस्पताल प्रबंधक चंदन ने आक्रोशित मरीजों व कर्मियों को दवा नहीं होने की बात कह कर समझाया, लेकिन सभी अड़े रहे.
मरीजों के परिजनों को कहना था कि दवा नहीं होने की बात कोई नहीं है.
जब भी शिकायत की जाती है, तो कार्रवाई के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति हो रही है. रोसड़ा के विवेक कुमार,विभूतिपुर के अभिनय कुमार,शोभित कुमार साह,सरायरंजन के गणेशी राय,उमेश कुमार राय,रामानंद शर्मा,दलसिंहसराय के मिंटू राय ने बताया कि इलाज के लिए अस्पताल की व्यवस्था की गयी है, तो दवा भी उपलब्ध कराने की जिम्मेवारी भी अस्पताल प्रशासन की है, लेकिन अब न ही मानक उपचार किया जा रहा है और न ही दवा दी जा रही है.
एंटी रैबीज वैक्सीन के स्टॉक में जब दवा कम थी तभी दवा को सजगता पूर्वक मंगा लेना चाहिए था. अंतत: जल्द दवा उपलब्ध कराने के आश्वासन पर मरीजों शांत हुए.
बताते चलें कि आये दिन दवा को लेकर अस्पताल परिसर में तू-तू,मैं-मैं की नौबत बनी रहती है. सरकार के घोषणा के अनरूप दवा की व्यवस्था नहीं होने व किल्लत बता के मरीजों को अस्पताल परिसर के बाहर से दवा लाने के लिए कहा जाता है.
