हसनपुर : थाना क्षेत्र के दूधपुरा बाजार में सोमवार को जाम समाप्त कराने पहुंची पुलिस के साथ स्थानीय लोगों की झड़प हो गयी. रोसड़ा सिंघिया पथ को जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे लोगों ने पुलिस जीप को उलट दिया. लाठी डंडे से उस पर हमला बोल कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया. इस क्रम में मौके पर पहुंचे एक सैप जवान भीषण गरमी के कारण बेहोश भी हो गये. उसे रोसड़ा उपचार के लिए भेजा गया. स्थिति की नजाकत को भांपते हुए मौके पर पहुंचे डीएसपी अजीत कुमार के द्वारा वार्ता के बाद मामला शांत हुआ.
जीप पलटी, तोड़फोड़ आक्रोश. दूधपुरा बाजार में ग्रामीणों की पुलिस से झड़प
हसनपुर : थाना क्षेत्र के दूधपुरा बाजार में सोमवार को जाम समाप्त कराने पहुंची पुलिस के साथ स्थानीय लोगों की झड़प हो गयी. रोसड़ा सिंघिया पथ को जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी कर रहे लोगों ने पुलिस जीप को उलट दिया. लाठी डंडे से उस पर हमला बोल कर वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया. […]

जानकारी के अनुसार, दूधपुरा बजार के मो अकील, मो जूबेर व मो उमर के बीच भूमि विवाद चल रहा है. इसमें पंचायत द्वारा मो अकील के पक्ष में फैसला सुनाया गया. लोगों ने बताया कि ग्राम कचहरी के फैसले के बाद विपक्षी लोगों द्वारा उसे जान से मारने की धमकी दी जाने लगी. इसको लेकर ग्राम कचहरी के फैसले की कॉपी के साथ थानाध्यक्ष, डीएसपी व एसपी को डाक से सूचना दी गयी. इसके बाद दो जून को मो अकील के साथ मारपीट की गयी. घायल अकील का इलाज पीएमसीएच पटना में चल रहा है.
इसको लेकर हसनपुर थाना कांड संख्या 74/17 में नामजद प्राथमिकी दर्ज करायी गयी. सरपंच रुदल सहनी, उप मुखिया रंजीत दास, जगब्ल पासवान, राम पुकार यादव, शंकर राय, संतोष, गोविंद, सुनील, हाजरा खातून, बाबर हुसैन, अब्दुल कादिर, मैनूल, अताउल्ला, नजीर आलम, अब्द्दूल, रहीस, तुफैल, अंजर, महबूब, जीवरेल उर्फ मुन्ना आदि ग्रामीणों ने पुलिस द्वारा सही तरीके से कार्रवाई नहीं किये जाने को लेकर डीएम को
आवेदन देते हुए 24 घंटे के अंदर कार्रवाई की मांग की थी. अन्यथा आंदोलन की चेतावनी दी गयी थी. बावजूद कार्रवाई नहीं हुई. इसके बाद सोमवार को लोगों ने सड़क जाम कर दिया. इसकी सूचना पर पहुंचे हसनपुर थाना के सअनि टूनानंद सिंह के नेतृत्व में पहुंची पुलिस बल के साथ भी लोगों ने झड़प कर लिया. जाम करनेवालों ने पुलिस जीप को भी क्षतिग्रस्त कर दिया. डीएसपी के वाहन का हवा निकाल दिया. मामला बढ़ता देख रोसड़ा डीएसपी अजीत कुमार, निरीक्षक विश्वनाथ पंडित, रोसरा थानाध्यक्ष चतुर्वेदी सुधीर कुमार, सिंघिया थानाध्यक्ष नीरज कुमार जाम स्थल पर पहुंचकर लोगों को शांत कराया. वार्ता में डीएसपी ने 48 घंटे के अंदर दोषी के खिलाफ कार्रवाई का आश्वासन दिया तब जाकर जाम समाप्त हुआ.