Bihar Positive News : 75 प्रतिशत झुलसकर भी सैनिक स्कूल के छात्र ने बचाई आग में फंसे तीन बच्चों की जान

Bihar News: अपनी जान पर खेल तीन बच्चों की जान बचाने वाले सैनिक स्कूल (Sainiak School Student) के छात्र अमित राज के मरणोपरांत उन्हें वीरता पुरस्कार देने की मांग उठ रही है. सैनिक स्कूल पुरूलिया के प्राचार्य ने अमित राज को वीरता पुरस्कार (Bravery award) देने की अनुशंसा भारत सरकार (Govt. of India) से की है. नालंदा (Nalanda) जिले के रहुई थाना के पेशौर गांव निवासी भूषण प्रसाद के पुत्र अमित सैनिक स्कूल पुरूलिया के छात्र थे

Bihar News: अपनी जान पर खेल तीन बच्चों की जान बचाने वाले सैनिक स्कूल (Sainiak School Student) के छात्र अमित राज के मरणोपरांत उन्हें वीरता पुरस्कार देने की मांग उठ रही है. सैनिक स्कूल पुरूलिया के प्राचार्य ने अमित राज को वीरता पुरस्कार देने की अनुशंसा भारत सरकार (Govt. of India) से की है. नालंदा (Nalanda) जिले के रहुई थाना के पेशौर गांव निवासी भूषण प्रसाद के पुत्र अमित सैनिक स्कूल पुरूलिया के छात्र थे

गत 3 दिसंबर को वह पैतृक गांव पेशौर में टहल रहे थे. इसी दौरान पड़ोसी मनोज कुमार के घर में आग लग गयी. आग की लपटों में घिरे तीन बच्चों को देखकर जब हर कोई मदद की गुहार लगा रहा था, तब अमित ने आगे बढ़कर अपनी जान की परवाह किए बिना, उनकी जान बचाई. इस दौरान वह बुरी तरह से झुलस गये.

इसकी जानकारी होने पर पुरुलिया सैनिक स्कूल प्रशासन ने जख्मी छात्र को एयर एंबुलेंस से दिल्ली भेजा था. गत 13 दिसंबर को सफदरगंज अस्पताल दिल्ली में इलाजरत अमित जिंदगी की जंग हार गये. इधर, गांव में अमित के बहादुरी के कारनामे आज भी लोगों के जेहन में है. लोग इसकी चर्चा कर उनके बहादुरी को सलाम कर रहे हैं. सोशल मीडिया पर भी अमित की वीरता की सराहना कर वीरता पुरस्कार की मांग उठ रही है.

अमित को नेवी ऑफिसर बनाने का टूटा सपना

मुंबई में पेटी कांट्रैक्टर का काम करने वाले अमित के पिता भूषण ने बताया कि बचपन में ही उसने नेवी ऑफिसर बनने की बात कहता था. वह मेधावी था और सैनिक स्कूल की परीक्षा एक ही प्रयास में पास किया. वर्ष 2015 में उसका एडमिशन सेनिक स्कूल पुरूलिया में हुआ. प्रारंभिक शिक्षा बिहारशरीफ के एक निजी स्कूल में ली.

अमित की मां सुलेखा कुमारी कुशल गृहिणी हैं. दो भाई व एक बहन में अमित सबसे बड़ा था. अमित की बहन राखी कुमारी नौंवी जबकि छोटा भाई अभिषेक कुमार पांचवी कक्षा में पढ़ रहा है. यह सभी माता-पिता के साथ मुंबई में रहकर पढ़ाई कर रहे हैं. 80 वर्षीय अमित के दादा बालेश्वर प्रसाद किसानी से जुड़े हैं.

सेना ने अमित की वीरता को किया सलाम

भले ही अमित राज ने दुनिया को अलविदा कह दिया हो, लेकिन उनकी बहादुरी को देश हमेशा याद रखेगा. भारतीय सेना ने ट्वीट करके अमित की बहादुरी को सैल्यूट किया. ट्ववीट किया कि अमित नई पीढ़ी के लिये प्रेरणादायक है. जिस तरह से तीन बच्चों की जान बचाकर खुद अपनी जान गंवा दी जो हमेशा याद किया जायेगा.

इधर, सेना के इस ट्वीट को अबतक दो हजार से अधिक लोगों ने रिटवीट कर अमित राज की इस वीरता को सलाम कर चुके हैं. दस हजार से अधिक लोगों ने इस ट्वीट को लाइक कर वीरता पुरस्कार को देने का समर्थन किया है.

इनपुट: रणजीत सिंह

Posted By: Utpal kant

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