झंडोत्तोलन कर मनाया गया विश्व रेडक्रॉस दिवस

झंडोत्तोलन कर मनाया गया विश्व रेडक्रॉस दिवस

मानवता की ओर थीम पर की गयी परिचर्चा मानवता की सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए रेडक्रॉस को दो बार मिला है नोबेल पुरस्कारः डॉ अबुल कलाम सहरसा . विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर गुरुवार को जिला रेडक्रॉस सोसायटी प्रांगण में चेयरमैन डॉ अबुल कलाम ने रेडक्रॉस का झंडोत्तोलन किया. रेडक्रॉस सोसायटी सभागार में मौजूद पदाधिकारियों, प्रबंधन समिति सदस्य एवं वोलेंटियरों ने रेडक्रॉस के संस्थापक सर हेनरी डयूनान्ट के तैलीय चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की. कार्यक्रम में हेड क्वार्टर, नई दिल्ली द्वारा प्रसारित की गयी थीम मानवता की ओर पर मौजूद आजीवन सदस्यों एवं वोलेंटियरों के बीच चर्चा की गयी. चेयरमैन डॉ अबुल कलाम ने विश्व रेडक्रॉस दिवस के अवसर पर रेडक्रॉस के संस्थापक सर हेनरी डयूनान्ट की जीवन की विस्तृत जानकारी देते कहा कि कैसे उन्होंने मानवता की निस्वार्थ सेवा के लिए उत्प्रेरित करते रेडक्रॉस सोसायटी की स्थापना की. चेयरमैन ने मौजूद लोगों को यह भी जानकारी दी कि अंतर्राष्ट्रीय रेडक्रॉस को मानवता की सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए दो बार नोबेल पुरस्कार भी मिला है, जो एक गौरव की बात है. वर्ष 1934 में आये भूकंप में रेडक्रॉस सोसायटी का कार्य अद्वितीय रहा था. साथ ही जिला शाखा, रेड्क्रॉस सोसायटी आगजनी एवं बाढ़ में अपना योगदान देती आ रही है. इतना ही नहीं पड़ोसी देश नेपाल में आये भूकंप में रेडक्रॉस सहरसा ने एक लाख पचास हजार रूपया का सामान, पीने का पानी, दवाई जिला प्रशासन के माध्यम से भेजी थी. जो मानवता की सेवा का अटूट प्रयास है. उत्तराखंड में आयी त्रासदी बाढ़ में भी रेडक्रॉस सहरसा ने पचास हजार रूपया का चेक भेजकर मानवता की सेवा का एक उदाहरण पेश किया. कोषाध्यक्ष डॉ रामजी प्रसाद ने कहा कि सर हेनरी डयूनान्ट द्वारा 1863 में रेडक्रॉस की स्थापना की गयी. तब से हर वर्ष आठ मई को रेडक्रॉस दिवस मनाया जाने लगा. उन्होंने इस वर्ष की थीम मानवता की ओर पर चर्चा करते जानकारी दी कि मानवता का कोई धर्म, जाति, भाषा एवं सीमाएं नहीं होती. इस पर ही मानवता को युद्ध, आपदाओं में प्रयोग करना श्रेयष्कर होगा. प्रबंधन समिति सदस्य डॉ खुर्शीद आलम ने धन्यवाद ज्ञापित कर समापन किया. कार्यक्रम को प्रबंधन समिति सदस्य मो फिरोज आलम ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में प्रबंधन समिति सदस्य जगन्नाथ चौधरी गोपाल, किशोर कुमार, कार्यालय सहायक रहमान आलम, वोलेंटियर प्रणय प्रतीक, मो मोती, भूपेंद्र मुखिया, आजीवन सदस्य दिलीप विश्वकर्मा, मो मंजूर आलम, मो शकील, प्रेम कुमार, मिठठु, चंदन कुमार सहित अन्य मौजूद थे. इस अवसर पर लोगों के बीच अल्पहार वितरण किया गया एवं रेडक्रॉस भवन को भव्य रूप से आकर्षक बनाने के लिए भवन को नीली बल्बों झालरों से सजाया गया. इस भीषण गर्मी से निजात दिलाने के लिए शुद्ध पेयजल का स्टॉल रेडक्रॉस के सामने लगाया गया. जिसमें ग्लूकोजयुक्त पानी राहगीरों के बीच वितरण किया गया.

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By Dipankar Shriwastaw

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