सहरसा से विनय कुमार मिश्र की रिपोर्ट
World Environment Day 2026: विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर डॉ मिर्जा जिशान बेग फाउंडेशन एवं हेल्पिंग हैंड स्टडी सेंटर की ओर से पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया. इस मौके पर संस्था के निदेशक डॉ मिर्जा जिशान बेग ने लोगों से अधिक से अधिक पेड़ लगाने, जल संरक्षण करने और प्रदूषण कम करने की दिशा में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि पर्यावरण की सुरक्षा केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के प्रति हमारा कर्तव्य भी है.
बढ़ते पर्यावरणीय संकट पर जताई चिंता
कार्यक्रम के दौरान डॉ बेग ने कहा कि लगातार बढ़ रहे प्रदूषण, जलवायु परिवर्तन और प्राकृतिक संसाधनों के अंधाधुंध दोहन से पर्यावरणीय संतुलन प्रभावित हो रहा है. इसका असर मानव जीवन के साथ-साथ जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों पर भी पड़ रहा है. यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में गंभीर चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है.
‘एक पेड़, एक संकल्प, एक बेहतर कल’ का संदेश
संस्था की ओर से आयोजित कार्यक्रम में पौधरोपण कर लोगों को हरित भविष्य का संदेश दिया गया. डॉ जिशान बेग ने कहा कि “एक पेड़, एक संकल्प, एक बेहतर कल” केवल नारा नहीं बल्कि जीवन शैली बननी चाहिए. प्रत्येक व्यक्ति यदि अपने जीवन में कम से कम एक पौधा लगाकर उसकी देखभाल करे तो पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है.
जल संरक्षण और रीसायक्लिंग पर भी दिया जोर
उन्होंने लोगों से जल की बचत करने, प्लास्टिक के उपयोग को कम करने तथा कचरे के रीसायक्लिंग को अपनाने की अपील की. उनका कहना था कि छोटी-छोटी आदतों में बदलाव कर पर्यावरण संरक्षण में महत्वपूर्ण योगदान दिया जा सकता है. प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है.
पर्यावरण दिवस को बनाया जनजागरूकता का माध्यम
कार्यक्रम के दौरान पर्यावरण संरक्षण को लेकर जनजागरूकता बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया. लोगों से हरित और स्वच्छ वातावरण के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की गई. वक्ताओं ने कहा कि विश्व पर्यावरण दिवस केवल एक दिवस नहीं, बल्कि प्रकृति के प्रति अपने दायित्वों को समझने और उन्हें निभाने का अवसर है.
भविष्य की पीढ़ियों के लिए जरूरी है हरित सोच
डॉ बेग ने कहा कि धरती हमारी नहीं, बल्कि हम धरती के हैं. इसलिए इसकी सुरक्षा और संरक्षण हम सभी का नैतिक दायित्व है. पर्यावरण संरक्षण के लिए सामूहिक प्रयास ही आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित, स्वच्छ और स्वस्थ भविष्य दे सकते हैं.
