सहरसा जिले के सोनवर्षाराज प्रखंड मुख्यालय से मनोरी गांव जाने वाली मुख्य सड़क पर करीब 1.05 करोड़ रुपये की लागत से हो रहे नाली निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों ने अनियमितता का आरोप लगाया है. ग्रामीणों का कहना है कि विरोध और बुडको के कनीय अभियंता के निरीक्षण के बाद भी निर्माण कार्य बिना सूचना पट्ट लगाए जारी है. उन्होंने पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की है.
गुणवत्ता और पारदर्शिता पर उठे सवाल
ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य शुरू होने के बाद से ही गुणवत्ता और निर्धारित मानकों की अनदेखी की जा रही है. कई बार शिकायत और विरोध दर्ज कराने के बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ. उनका कहना है कि निर्माण कार्य में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए सूचना पट्ट लगाना अनिवार्य है, लेकिन अब तक ऐसा नहीं किया गया है.
निरीक्षण के बाद भी नहीं लगा सूचना पट्ट
शिकायत मिलने पर बुडको की कनीय अभियंता पूजा रानी ने निर्माण स्थल का निरीक्षण कर आवश्यक निर्देश दिए थे. इसके बावजूद निर्माण स्थल पर सूचना पट्ट नहीं लगाया गया और कार्य पूर्ववत जारी है. इससे ग्रामीणों में नाराजगी बनी हुई है.
तकनीकी जांच कराने की मांग
ग्रामीणों ने निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने, गुणवत्ता की निष्पक्ष जांच करवाने तथा दोषी संवेदक और संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है. उनका कहना है कि यदि समय रहते अनियमितताओं पर रोक नहीं लगी तो सरकारी राशि की बर्बादी होगी और भविष्य में लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ेगा.
जिला प्रशासन से हस्तक्षेप की अपील
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से मांग की है कि निर्माण कार्य को निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाए तथा पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाया जाए. उनका कहना है कि गुणवत्ता से समझौता किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जायेगा.
