आर्म्स एक्ट के मामले में तीन साल की सजा

आर्म्स एक्ट के मामले में तीन साल की सजा

सहरसा . जिला पुलिस की तत्परता, प्रभावी अनुसंधान और त्वरित अभियोजन प्रक्रिया के आधार पर नवहटटा थाना क्षेत्र में दर्ज आर्म्स एक्ट मामले में न्यायालय ने अहम फैसला सुनाया. न्यायिक दंडाधिकारी प्रथम श्रेणी भवानी प्रसाद की अदालत ने नवहटटा थाना के आरोपी सद्दाब खान, पिता इश्तियाक खान, वार्ड नंबर 12, नवहट्टा निवासी को दोषी पाते हुए सजा सुनायी है. जिला पुलिस द्वारा प्रस्तुत साक्ष्य, जब्त सामग्री और समय पर दाखिल की गयी चार्जशीट से अदालत के समक्ष अभियोजन पक्ष ने तर्कों को मजबूत किया. मामले की सुनवाई त्वरित विचारण प्रक्रिया के तहत पूरी की गयी. आरोप साबित होने पर अदालत द्वारा आरोपित को धारा 25(1-बी) ए, आर्म्स एक्ट के तहत तीन वर्ष का साधारण कारावास और 2 हजार रुपये का अर्थदंड देने का आदेश दिया. अर्थदंड का भुगतान न करने की स्थिति में एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा. इसके साथ ही धारा 26, आर्म्स एक्ट के तहत भी आरोपी को तीन वर्ष का साधारण कारावास और 2 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है. इस धारा के तहत भी अर्थदंड न चुकाने पर एक माह का अतिरिक्त साधारण कारावास निर्धारित किया गया है. अदालत ने आदेश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी. अभियोजन पक्ष की ओर से व्यवहार न्यायालय, सहरसा के अभियोजन पदाधिकारी प्रदीप कुमार गिरी ने प्रभावी तरीके से पक्ष रखा, अभियोजन पदाधिकारी ने बताया कि मामले में जब्त हथियार, फॉरेंसिक रिपोर्ट और गवाहों का बयान आरोपित के खिलाफ निर्णायक साबित हुआ, अनुसंधान नवहट्टा थाना के पुअनि प्रमोद कुमार ने किया.

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By Dipankar Shriwastaw

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