कहने को दो बस स्टैंड, सुविधा है शून्य

कहने को दो बस स्टैंड, सुविधा है शून्य

शहर में स्थायी बस स्टैंड न होने से यात्री परेशान शहर में दो अलग-अलग बस स्टैंड होने से यात्रियों को हो रही असुविधा सहरसा . शहर में स्थायी बस स्टैंड नहीं होने के कारण आमलोगों को कई समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है. शहर को रेलवे लाइन द्वारा दो भागों में विभाजित करने के कारण शहर के बीचोंबीच दो स्थानों पर बस स्टैंड है. इनमें से गंगजला स्थित नगर निगम द्वारा संचालित बस स्टैंड रेलवे की जमीन पर चल रहा था. लेकिन रेलवे द्वारा मुकदमा जीतने के बाद नगर निगम द्वारा इस बस स्टैंड को लेकर कोई विशेष ध्यान नहीं दिया जा रहा है. जिससे यात्रियों को भारी असुविधा हो रही है. वहीं दूसरा सरकारी बस स्टैंड सुपर बाजार के पास स्थित है, लेकिन यह वर्षों से अधूरा पड़ा हुआ है यात्रियों को हो रही परेशानियां शहर में स्थायी बस स्टैंड न होने से यात्रियों को कई दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है. शहर में निजी बसों का संचालन प्रशासन द्वारा इस प्रकार किया जा रहा है कि पश्चिमी रूट पर चलने वाली बसें सरकारी बस स्टैंड से संचालित की जा रही है. जबकि पूरब रूट की ओर जाने वाले वाहन पुराने बस स्टैंड से संचालित हो रहे हैं. लेकिन सरकारी बस स्टैंड की स्थिति काफी दयनीय है. इसमें जगह और सुविधाओं की भारी कमी है. जिसके कारण वाहन चालकों को मजबूरन सड़क पर वाहन खड़ा कर यात्रियों को बैठाना पड़ता है. इसके कारण मुख्य सड़कों पर लगातार जाम की स्थिति बनी रहती है. खासकर सुबह और शाम के समय जब यात्रियों की संख्या अधिक होती है, तब ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा जाती है. रेलवे यात्रियों के लिए बढ़ी मुसीबत रेलवे स्टेशन पर उतरने वाले यात्रियों को भी इस समस्या के कारण काफी परेशानी उठानी पड़ रही है. रेलवे स्टेशन से बस स्टैंड की दूरी और सुव्यवस्थित परिवहन के अभाव में यात्री बेवजह भटकते रहते हैं. ऑटो रिक्शा और टैक्सियों की मनमानी के कारण यात्रियों को अधिक किराया देना पड़ता है. नगर निगम की उदासीनता नगर निगम की ओर से बस स्टैंड को लेकर उदासीनता भी एक बड़ी समस्या बन चुकी है. रेलवे द्वारा मुकदमा जीतने के बाद नगर निगम ने पुराने बस स्टैंड की देखरेख बंद कर दी है. जिससे इसकी हालत बदतर होती जा रही है. वहीं सुपर बाजार के पास बने सरकारी बस स्टैंड को अब तक पूरी तरह विकसित नहीं किया जा सका है. आधे-अधूरे निर्माण और अव्यवस्थित यातायात की वजह से बस स्टैंड का उपयोग उचित रूप से नहीं हो पा रहा है. स्थायी समाधान की जरूरत लोगों ने बताया कि यदि प्रशासन जल्द ही स्थायी बस स्टैंड का निर्माण करता है तो इस समस्या का समाधान हो सकता है. एक केंद्रीकृत बस स्टैंड से न केवल जाम की समस्या से राहत मिलेगी, बल्कि यात्रियों को भी सुविधा मिलेगी. प्रशासन को इस दिशा में ठोस कदम उठाने की आवश्यकता है ताकि यात्रियों की मुश्किलें कम हो सके. अन्य शहरों के तर्ज पर शहर के बाहर बस स्टैंड का निर्माण होना चाहिए ताकि शहर में जाम की समस्या से लोगों को निजात मिले. स्थानीय व्यापारियों व सामाजिक संगठनों का भी मानना है कि एक उचित योजना बनाकर स्थायी बस स्टैंड का निर्माण किया जाना चाहिए. इससे न केवल शहर में ट्रैफिक जाम की समस्या हल होगी, बल्कि यात्री भी सुविधाजनक तरीके से अपनी यात्रा कर सकेंगे. शहर में स्थायी बस स्टैंड का न होना यात्रियों के लिए एक बड़ी समस्या बन चुका है. दो अलग-अलग स्थानों से बसों का संचालन होने के कारण न केवल यात्री असमंजस में रहते हैं, बल्कि ट्रैफिक जाम की समस्या भी गंभीर होती जा रही है. नगर निगम और प्रशासन को इस दिशा में त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए. ताकि शहर के नागरिकों को राहत मिल सके.

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By Dipankar Shriwastaw

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