दबंगों ने रातों-रात तोड़ा माता-पिता का समाधि स्थल, मांगे बीस लाख रुपये

दबंगों ने रातों-रात तोड़ा माता-पिता का समाधि स्थल, मांगे बीस लाख रुपये

सिमरी बख्तियारपुर. नप क्षेत्र अंतर्गत कानू टोला में जमीनी रंजिश के कारण दबंगों द्वारा एक परिवार के पूर्वजों की समाधि स्थल (स्मारक) को ध्वस्त करने का सनसनीखेज मामला प्रकाश में आया है. पीड़ित विनोद कुमार जायसवाल ने थाने में आवेदन देकर सुरक्षा और कार्रवाई की मांग की है. विनोद कुमार जायसवाल ने बताया कि उनके पिता ने वर्ष 1965 में कानू टोला में 7 कट्ठा जमीन खरीदी थी. इसी जमीन पर उनके माता-पिता की याद में एक स्मारक बनाया गया था, जहां परिवार पूजा-अर्चना करता था. विनोद जायसवाल ने आरोप लगाया है कि 23 दिसंबर की रात राम प्रसाद साह, संजय साह, जितेंद्र साह और अन्य 10 अज्ञात लोगों ने हथियारों से लैस होकर समाधि स्थल को पूरी तरह तोड़ दिया. जब पीड़ित पक्ष ने इसका विरोध किया तो आरोपियों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी. आवेदन में एक गंभीर आरोप यह भी है कि आरोपी संजय साह ने पीड़ित को धमकाते हुए कहा कि थाना को मेल में लेकर मेरे घर गये थे, इससे कुछ होने वाला नहीं है. हमलोगों को 20 लाख रुपया पहुंचा दो, तब मामला रफा-दफा हो जायेगा. इधर पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली है और जांच अधिकारी को नियुक्त कर दिया है. आचार संहिता उल्लंघन मामले में शिक्षक पर मामला दर्ज करने को दिया आवेदन सहरसा. बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के दौरान मध्य विद्यालय के शिक्षक द्वारा आदर्श आचार संहिता उल्लंघन का मामला सामने आया है, नोडल पदाधिकारी सह अंचल अधिकारी कहरा सौरभ कुमार द्वारा सदर थाना में प्राथमिकी दर्ज करने के लिए आवेदन दिया गया है. आवेदन में बताया गया है कि बिहार विधानसभा आम निर्वाचन 2025 के लिए आदर्श आचार संहिता 6 अक्तूबर से 16 नवंबर तक प्रभावी थी. इसी अवधि में मध्य विद्यालय बलहा गढ़िया, प्रखंड कहरा में पदस्थापित प्रखंड शिक्षक शैलेश कुमार झा द्वारा सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर चुनाव प्रचार से संबंधित कई पोस्ट किया गया. यह सरकारी सेवक आचार नियमावली के खिलाफ है. संबंधित शिक्षक का यह आचरण जन प्रतिनिधित्व अधिनियम 1951 एवं आदर्श आचार संहिता के स्पष्ट उल्लंघन की श्रेणी में आता है. आवेदन के साथ सोशल मीडिया पोस्ट से संबंधित साक्ष्य भी दिया गया है. डॉ राजनारायण प्रसाद बने नये सिविल सर्जन सहरसा. स्वास्थ्य विभाग के आदेश पर चिकित्सा पदाधिकारी डॉ राजनारायण प्रसाद द्वारा शनिवार को जिले में सिविल सर्जन का प्रभार ग्रहण किया गया. डॉ राजनारायण प्रसाद ने निवर्तमान सिविल सर्जन रतन झा से पदभार लिया. पदभार ग्रहण करने के बाद डॉ राजनारायण प्रसाद ने 14 जनवरी तक डाॅ रतन झा को प्रभार सौंपा है. डॉ राजनारायण प्रसाद वर्तमान में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दावत, रोहतास में पदस्थापित थे. विभागीय आदेश के तहत उन्हें रोहतास से स्थानांतरित करते हुए सहरसा जिले में असैनिक शल्य चिकित्सक सह मुख्य चिकित्सा पदाधिकारी के पद पर पदस्थापित किया गया है. स्वास्थ्य विभाग के अनुसार यह स्थानांतरण प्रशासनिक व जनहित को ध्यान में रखते हुए किया गया है. ताकि जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को और अधिक सुदृढ़ किया जा सके. सहरसा में डॉ राजनारायण प्रसाद की तैनाती से जिला अस्पताल एवं संबंधित स्वास्थ्य संस्थानों में चिकित्सा व्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है. जमीन विवाद में महिला से बदसलूकी और मारपीट सिमरी बख्तियारपुर . बख्तियारपुर थाना क्षेत्र के हटिया गाछी, वार्ड संख्या 27 में जमीन विवाद को लेकर एक महिला के साथ अमानवीय व्यवहार और मारपीट का मामला सामने आया है. पीड़िता ललिता देवी ने 19 नामजद लोगों के खिलाफ थाने में आवेदन देकर न्याय की गुहार लगायी है. पीड़िता ललिता देवी पति स्व नारायण मिस्त्री का आरोप है कि वह अपनी खतियानी जमीन पर पक्का मकान बनवा रही थी. 3 जनवरी की सुबह जब वह अपनी जमीन पर गिराये गये बालू-गिट्टी को देखने गयी तो वहां पहले से घात लगाये बैठे दीपो मिस्त्री, राजेश मिस्त्री, सुधीर मिस्त्री समेत करीब 19 लोगों ने उन पर हमला कर दिया. आवेदन के अनुसार आरोपियों ने लाठी-डंडे से लैस होकर महिला को जमीन पर पटक दिया और उसके कपड़े फाड़कर अर्धनग्न कर दिया. विरोध करने पर आरोपियों ने जान से मारने की धमकी दी और कहा कि अगर जमीन चाहिए तो 25 लाख रुपये रंगदारी देनी होगी. पीड़िता ने घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद होने का दावा किया है, जिसे पुलिस को साक्ष्य के तौर पर सौंपा गया है. पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सुसंगत धाराओं के तहत केस दर्ज कर छानबीन शुरू कर दी है. पुलिस दबिश पर किया आत्मसमर्पण महिषी. क्षेत्र के सिरवार वीरवार पंचायत के वार्ड नंबर तीन वीरवार निवासी व नामजद अभियुक्त रंजीत पंजीयार का पुत्र मिंटू कुमार ने पुलिस दबिश के कारण थाना में आत्म समर्पण कर दिया. थानाध्यक्ष जय शंकर कुमार ने जानकारी देते बताया कि कागजी खानापूर्ति के बाद अभियुक्त को न्यायिक हिरासत में जेल भेजा गया.

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By Dipankar Shriwastaw

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