समय का चक्र चलता रहेगा, आना-जाना इस जीवन की है रीतः डॉ अरूण

समय का चक्र चलता रहेगा, आना-जाना इस जीवन की है रीतः डॉ अरूण

गायत्री शक्तिपीठ में हुआ नया संकल्प, नई सुबह कार्यक्रम सहरसा . गायत्री शक्तिपीठ में नये काल खंड में नया संकल्प, नई सुबह कार्यक्रम के तहत गुरुवार को मुंबई से आये निर्मला सर्राफ, परवीन सर्राफ, तनिषा सर्राफ, अवकाश प्राप्त डायरेक्टर राकेश जी व भगत मोहन लालजी ने दीप प्रज्वलित कर कार्यकर्म की शुरूआत की. इस मौके पर शुभकामना देते डॉ अरुण कुमार जायसवाल ने कहा कि अपनी संस्कार को नहीं बदलें. अपने संस्कृतिक के अनुसार नये साल का उत्सव मनायें. उन्होंने कहा कि आज उत्सव पूरे दुनियां में मनाया जाता है. सात्विक मस्ती के साथ सही मार्ग पर चल सकें. मर्यादा में रहकर उल्लास उत्साह एक दूसरे को बांटेगे. सबों को शुभकामना मंगल कामना देंगे. हमलोग नियंता की धुन पर नाचते भर हैं. समय का चक्र चलता रहेगा. आना-जाना इस जीवन की रीत है. प्रेम भाव से जग में रहें. सुखी संपन्न एवं प्रसन्न रहें. परमेश्वर से यही प्रार्थना है. इस मौके पर शक्तिपीठ में आये सभी परिजन ने लिट्टी चोखा एवं जलेबी खाते नववर्ष का आनंद उठाया.

डिस्क्लेमर: यह प्रभात खबर समाचार पत्र की ऑटोमेटेड न्यूज फीड है. इसे प्रभात खबर डॉट कॉम की टीम ने संपादित नहीं किया है

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

Published by: Dipankar shriwastaw

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

और पढ़ें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >