मध्याह्न भोजन मामले पर शिक्षकों में आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग

बैठक में शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा, नवहट्टा के मध्य विद्यालय चंद्रायण तथा सौरबाजार के कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में हुई घटना के लिए मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था की लापरवाही जिम्मेदार है.

सहरसा से प्रतिनिधि की रिपोर्ट:

जिले में मध्याह्न भोजन में अनियमितता को लेकर उत्पन्न विवाद के बीच रविवार को जिला प्राथमिक शिक्षक संघ भवन में विशेष बैठक आयोजित की गई. बैठक की अध्यक्षता किशोरी शाह ने की, जिसमें जिलेभर के सैकड़ों प्रधानाध्यापकों एवं शिक्षकों ने भाग लिया.

बैठक में शिक्षकों ने एक स्वर में कहा कि महिषी प्रखंड के मध्य विद्यालय बलुआहा, नवहट्टा के मध्य विद्यालय चंद्रायण तथा सौरबाजार के कन्या मध्य विद्यालय मुरचा में हुई घटना के लिए मध्याह्न भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था की लापरवाही जिम्मेदार है.

शिक्षकों ने बताया कि भोजन में उपलब्ध कराई गई दाल में मरा हुआ सांप पाया गया था, जिसके बाद कई बच्चों की तबीयत बिगड़ गई. बच्चों को पेट दर्द, उल्टी एवं चक्कर आने की शिकायत के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य हुई.

बैठक में कहा गया कि शिक्षा विभाग द्वारा 10 अप्रैल को जारी दिशा-निर्देशों का पालन संबंधित संस्था द्वारा नहीं किया गया. नियम के अनुसार भोजन चखने एवं चखना पंजी पर हस्ताक्षर कराने की जिम्मेदारी भोजन उपलब्ध कराने वाली संस्था की होती है. साथ ही भोजन को स्वच्छ एवं सुरक्षित पात्र में विद्यालय तक पहुंचाना भी अनिवार्य है. इसके बावजूद नियमों की अनदेखी की गई.

शिक्षकों ने प्रधानाध्यापकों के निलंबन तथा शिक्षकों एवं रसोइयों पर दर्ज प्राथमिकी को मनगढ़ंत बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की.

संगठन की ओर से कहा गया कि यदि मामले की निष्पक्ष जांच कर न्यायसंगत निर्णय नहीं लिया गया तो जिला स्तर पर आंदोलन किया जाएगा.

बैठक में नुनु मणि सिंह, प्रसून रंजन सिंह, सुखदेव मंडल, मिथिलेश कुमार सिंह, रंजन कुमार सिंह, प्रवीण कुमार सहित कई शिक्षक नेताओं ने अपने विचार रखे.

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Published by: Shruti Kumari

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