Sonavarsha Raj Safai Karmi Strike: सोनवर्षाराज में नगर पंचायत क्षेत्र में अगर सफाई व्यवस्था अचानक प्रभावित हो जाए तो इसकी वजह सिर्फ कूड़े का बढ़ना नहीं होगी, बल्कि इसके पीछे सफाईकर्मियों की लंबित मांगें भी होंगी. सोनवर्षाराज नगर पंचायत में कार्यरत सफाईकर्मियों ने अपनी समस्याओं का समाधान नहीं होने का आरोप लगाते हुए अब आंदोलन तेज करने का फैसला किया है. सोमवार को सफाईकर्मियों ने नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर विरोध प्रदर्शन किया और कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन सौंपकर 8 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की चेतावनी दी.
सफाईकर्मियों के इस ऐलान से नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था को लेकर सवाल खड़ा हो गया है. अगर हड़ताल शुरू होती है और वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की जाती है, तो इसका सीधा असर सड़कों, गलियों और सार्वजनिक स्थानों की सफाई पर पड़ सकता है. हालांकि, फिलहाल सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में हड़ताल की चेतावनी दी है.
लंबे समय से मांगें पूरी नहीं होने का आरोप
सफाईकर्मियों का कहना है कि उनकी कई समस्याएं लंबे समय से लंबित हैं. बार-बार समस्याओं के समाधान की मांग के बावजूद स्थिति में अपेक्षित सुधार नहीं होने के कारण उन्हें विरोध प्रदर्शन का रास्ता अपनाना पड़ा है.
सफाईकर्मियों ने अपने आवेदन में रिक्त पदों पर दैनिक वेतनभोगी सफाईकर्मियों की नियुक्ति की मांग की है. उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था को सुचारु रखने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों की उपलब्धता जरूरी है.
इसके अलावा समय पर मानदेय का भुगतान करने की मांग भी प्रमुखता से उठायी गयी है. सफाईकर्मियों के लिए नियमित भुगतान उनके रोजमर्रा के जीवन से सीधे जुड़ा मुद्दा है. मानदेय में देरी होने पर परिवार की आवश्यक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो सकता है.
न्यूनतम मजदूरी के अनुसार भुगतान की मांग
सफाईकर्मियों ने बिहार सरकार द्वारा निर्धारित न्यूनतम मजदूरी अधिनियम, 1949 के अनुरूप मजदूरी का भुगतान करने की मांग की है.
उनका कहना है कि सफाई कार्य लगातार और मेहनत वाला काम है. ऐसे में उन्हें निर्धारित मानकों के अनुरूप मजदूरी मिलनी चाहिए. मजदूरी से जुड़ी यह मांग उनके आर्थिक हितों से सीधे जुड़ी हुई है.
सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों के जरिए यह भी मुद्दा उठाया है कि नगर पंचायत में सफाई व्यवस्था संभालने वाले कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान समय पर होना चाहिए.
सुरक्षा किट और जरूरी उपकरण की भी मांग
सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों के सामने स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े जोखिम भी रहते हैं. इसे देखते हुए सफाईकर्मियों ने काम में इस्तेमाल होने वाले आवश्यक स्वच्छता उपकरण और सुरक्षा किट उपलब्ध कराने की मांग की है.
उनका कहना है कि सफाई कार्य के दौरान कर्मचारियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य का ध्यान रखा जाना जरूरी है. इसके लिए समय-समय पर स्वास्थ्य परीक्षण कराने की मांग भी की गयी है.
सफाईकर्मियों की यह मांग केवल कर्मचारियों तक सीमित नहीं है. सुरक्षित तरीके से सफाई होने पर नगर पंचायत क्षेत्र के लोगों को भी बेहतर और व्यवस्थित सफाई व्यवस्था मिल सकती है.
करीब 40 सफाईकर्मियों को फिर काम पर रखने की मांग
सफाईकर्मियों ने करीब डेढ़ माह पूर्व काम से अलग किये गये लगभग 40 सफाईकर्मियों को दोबारा काम पर रखने की मांग भी की है.
यह मांग उनके आंदोलन का एक महत्वपूर्ण मुद्दा है. सफाईकर्मियों का कहना है कि इन कर्मियों को पुनः काम पर रखा जाना चाहिए.
करीब 40 कर्मियों के काम से अलग होने का असर सफाई व्यवस्था पर भी पड़ सकता है. ऐसे में इस मुद्दे का समाधान नगर पंचायत प्रशासन और सफाईकर्मियों के बीच बातचीत से निकलना महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
8 सितंबर से हड़ताल हुई तो क्या होगा
सफाईकर्मियों ने स्पष्ट किया है कि उनकी मांगों पर शीघ्र सकारात्मक पहल नहीं हुई, तो वे 8 सितंबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.
हड़ताल का सबसे बड़ा संभावित असर नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था पर पड़ सकता है. रोजाना होने वाली सफाई रुकने या प्रभावित होने की स्थिति में कूड़ा जमा होने और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका रहेगी.
सफाईकर्मियों ने अपने आवेदन में कहा है कि हड़ताल के दौरान नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था प्रभावित होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी नगर पंचायत प्रशासन की होगी.
Sonavarsha Raj Safai Karmi Strike: अब प्रशासन की भूमिका सबसे अहम
सफाईकर्मियों के विरोध प्रदर्शन के बाद अब नगर पंचायत प्रशासन के सामने उनकी मांगों पर कार्रवाई करने और संभावित हड़ताल को लेकर स्थिति स्पष्ट करने की चुनौती है.
एक तरफ सफाईकर्मी मानदेय, मजदूरी, सुरक्षा उपकरण, स्वास्थ्य परीक्षण और रोजगार से जुड़ी मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. दूसरी तरफ नगर पंचायत क्षेत्र की सफाई व्यवस्था नियमित रखना भी प्रशासन की जिम्मेदारी है.
ऐसे में 8 सितंबर की तय तारीख से पहले दोनों पक्षों के बीच बातचीत और मांगों पर सकारात्मक पहल होती है या नहीं, यह महत्वपूर्ण होगा. फिलहाल सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों के समर्थन में आवाज बुलंद कर दी है और अनिश्चितकालीन हड़ताल की चेतावनी देकर नगर पंचायत प्रशासन पर दबाव बढ़ा दिया है.
सोमवार को नगर पंचायत कार्यालय के मुख्य द्वार पर हुए विरोध प्रदर्शन के दौरान सफाईकर्मियों ने अपनी मांगों को लेकर नारेबाजी और प्रदर्शन किया. इसके बाद कार्यपालक पदाधिकारी को आवेदन सौंपा गया. अब सभी की नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर है.