‘जगते रहियो’ की आवाज गायब, चोर हुए बेखौफ? सोनवर्षाराज में लगातार चोरी से बढ़ी लोगों की चिंता

सोनवर्षाराज नगर पंचायत क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगातार हो रही चोरियों ने लोगों को भयभीत कर दिया है. बजरंगबली मंदिर से घंटी और दानपेटी के पैसे चोरी होने की घटना के बाद रात्रि गश्ती व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं. ग्रामीणों की मांग है कि पुलिस नियमित गश्त शुरू करे.

Saharsa Crime News: सोनवर्षाराज में रात का सन्नाटा अब लोगों को पहले से ज्यादा डराने लगा है. कभी इसी सन्नाटे को चीरते हुए गांव और मोहल्लों में ग्रामीण पुलिस के जवानों की आवाज गूंजती थी- ‘जगते रहियो’. यह आवाज सुनकर लोगों को भरोसा होता था कि पुलिस आसपास है और रात में उनकी सुरक्षा पर नजर रखी जा रही है.

लेकिन ग्रामीणों का कहना है कि लंबे समय से यह आवाज सुनाई नहीं दे रही है. इसी दौरान नगर पंचायत क्षेत्र और आसपास के ग्रामीण इलाकों में चोरी की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं. अब लोगों के मन में सवाल उठ रहा है कि आखिर रात की गश्ती व्यवस्था पहले जैसी सक्रिय क्यों नहीं दिख रही है.

मंदिर से लेकर दुकान और घर तक चोरों का निशाना

बीते कुछ दिनों में सोनवर्षाराज नगर पंचायत क्षेत्र और आसपास के इलाकों में चोरी की कई घटनाएं हो चुकी हैं. चोरों ने अलग-अलग जगहों को निशाना बनाया है.

नगर पंचायत क्षेत्र के मां जीवछ ट्रेडर्स, बाबा हरदौल मंदिर, मनौरी चौक स्थित रंजित हार्डवेयर, सोहा निवासी सिन्टू सिंह के घर, सोनवर्षाराज मुख्य बाजार स्थित विकास झा के ई-रिक्शा शोरूम और फूल डेकोरेशन की दुकान में चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं.

लगातार हो रही इन वारदातों ने व्यापारियों, गृहस्वामियों और आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है. लोगों को अब रात में अपने घर और प्रतिष्ठान की सुरक्षा को लेकर अधिक सतर्क रहना पड़ रहा है.

बुधवार की रात बजरंगबली मंदिर को बनाया निशाना

चोरी की घटनाओं की कड़ी में बुधवार की रात सोहा स्थित बजरंगबली मंदिर को भी चोरों ने निशाना बनाया. चोर मंदिर से घंटी और दानपेटी में रखे पैसे चोरी कर ले गए.

धार्मिक स्थल में चोरी की घटना के बाद स्थानीय लोगों में आक्रोश और चिंता दोनों देखी जा रही है. लोगों का कहना है कि जब मंदिर तक सुरक्षित नहीं रह पा रहे हैं तो गांव और बाजार में अन्य जगहों की सुरक्षा को लेकर चिंता होना स्वाभाविक है.

मंदिर परिसर से घंटी खोले जाने की घटना भी चोरों के बेखौफ होने की चर्चा को हवा दे रही है.

‘जगते रहियो’ की आवाज से मिलता था सुरक्षा का भरोसा

ग्रामीण बताते हैं कि पहले रात में ग्रामीण पुलिस के जवान गांव और मोहल्लों में गश्त करते थे. गश्ती के दौरान ‘जगते रहियो’ की आवाज सुनाई देती थी.

इस आवाज का एक मनोवैज्ञानिक असर भी था. लोगों को पता चलता था कि पुलिस रात में सक्रिय है. वहीं असामाजिक तत्वों के बीच भी पुलिस की मौजूदगी का डर बना रहता था.

अब लंबे समय से इस तरह की आवाज और सक्रिय गश्ती दिखाई नहीं देने का दावा स्थानीय लोग कर रहे हैं. इसके कारण ग्रामीण पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

क्या कमजोर हुई रात्रि गश्ती, लोगों ने उठाया सवाल

स्थानीय लोगों का मानना है कि रात्रि गश्ती व्यवस्था कमजोर होने का असर चोरी की बढ़ती घटनाओं के रूप में दिखाई दे रहा है. हालांकि चोरी की घटनाओं और गश्ती व्यवस्था के बीच संबंध की जांच पुलिस स्तर पर होना जरूरी है.

लेकिन लगातार चोरी की वारदातों ने प्रशासनिक जवाबदेही का सवाल जरूर खड़ा किया है. लोगों का कहना है कि केवल चोरी होने के बाद कार्रवाई करने के बजाय पुलिस की मौजूदगी ऐसी होनी चाहिए, जिससे अपराध की घटनाओं को रोका जा सके.

रात के समय बाजार, चौक-चौराहों और गांव की गलियों में नियमित गश्ती अपराधियों के लिए दबाव का काम कर सकती है.

आम लोगों और दुकानदारों में बढ़ी चिंता

लगातार चोरी की घटनाओं का सबसे बड़ा असर आम लोगों की सुरक्षा की भावना पर पड़ रहा है. दुकानदारों को दुकान बंद करने के बाद चोरी की चिंता सता रही है, जबकि ग्रामीण अपने घरों की सुरक्षा को लेकर सतर्क हैं.

सोनवर्षाराज मुख्य बाजार जैसे व्यावसायिक क्षेत्र में चोरी की घटनाएं कारोबारियों के लिए अतिरिक्त परेशानी बन सकती हैं. वहीं ग्रामीण इलाकों में रात के समय पुलिस की सक्रिय मौजूदगी लोगों के लिए भरोसे का बड़ा आधार मानी जाती है.

Saharsa Crime News: लोगों की मांग, नियमित गश्ती शुरू हो और पुराने मामलों का खुलासा हो

स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से गांव, मोहल्ले, बाजार और चौक-चौराहों पर नियमित रात्रि गश्ती शुरू कराने की मांग की है. ग्रामीण पुलिस की सक्रियता बढ़ाने की भी मांग उठ रही है.

लोगों ने पूर्व में हुई चोरी की घटनाओं का जल्द उद्भेदन करने और चोरों की गिरफ्तारी की मांग की है. उनका कहना है कि चोरी की घटनाओं पर रोक के लिए केवल जांच ही नहीं, बल्कि रात में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी भी जरूरी है.

सोनवर्षाराज में अब पुलिस के सामने दोहरी चुनौती है. एक ओर लगातार हुई चोरी की घटनाओं का उद्भेदन करना है, वहीं दूसरी ओर लोगों के बीच सुरक्षा का भरोसा भी मजबूत करना है.

लोग फिर से रात में पुलिस की सक्रिय गश्ती देखना चाहते हैं. उनके लिए ‘जगते रहियो’ केवल एक आवाज नहीं, बल्कि उस सुरक्षा भरोसे की पहचान है, जिसकी कमी वे लंबे समय से महसूस कर रहे हैं.

फोटो मंदिर परिसर का घंटी खोला गया | Prabhat Khabar Network

Also Read: नेपाल की बाढ़ के बाद गंडक में बढ़ा पानी, बैराज से 3 बार छोड़ा गया, 3 मीटर तक उठ सकती हैं लहरें, CM सम्राट ने क्या कहा?

Also Read: बाढ़ के खतरे के बीच CM सम्राट ने इन इलाकों का किया हवाई सर्वे, NDRF-SDRF की टीम अलर्ट, रेल प्रशासन भी तैयार


प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >