Sonbarsa Raj News: सोनवर्षाराज. शहर की सफाई व्यवस्था संभालने वाले नगर पंचायत के सफाई कर्मी अब अपने ही वेतन और EPF के लिए आवाज उठाने को मजबूर हैं. सोनवर्षाराज नगर पंचायत के विभिन्न वार्डों में काम कर रहे सुपरवाइजर और सफाई कर्मियों ने गुरुवार को अपनी मांगों को लेकर कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार को आवेदन देने की बात कही है. कर्मियों ने समय पर वेतन भुगतान, पिछले छह माह से काटी जा रही EPF की राशि संबंधित खातों में जमा कराने और मासिक वेतन बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की मांग की है.
कर्मियों ने चेतावनी दी है कि अगर उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो 11 तारीख से अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू की जायेगी. ऐसे में शहर की सफाई व्यवस्था पर सीधा असर पड़ने की आशंका है.
हर महीने वेतन के लिए तारीख भी तय करने की मांग
सफाई कर्मियों का कहना है कि वे हर दिन शहर के अलग-अलग वार्डों में सफाई का काम करते हैं, लेकिन वेतन समय पर नहीं मिलने से उन्हें आर्थिक परेशानियों का सामना करना पड़ता है.
कर्मियों ने मांग की है कि प्रत्येक महीने 5 से 10 तारीख के बीच वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाये. उनका कहना है कि निश्चित समय पर वेतन मिलने से परिवार का खर्च, बच्चों की पढ़ाई और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में आसानी होगी.
छह महीने से कट रही EPF राशि, खाते में जमा कराने की मांग
सफाई कर्मियों ने EPF को लेकर भी सवाल उठाया है. उनका आरोप है कि पिछले छह महीने से उनके वेतन से EPF की राशि काटी जा रही है, लेकिन संबंधित खातों में राशि जमा नहीं करायी गयी है.
कर्मियों ने काटी गयी EPF राशि को उनके खातों में जमा कराने की मांग की है. यह मांग उनके लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है, क्योंकि EPF की राशि भविष्य की सामाजिक और आर्थिक सुरक्षा से जुड़ी होती है.
अब प्रशासन के सामने यह स्पष्ट करने की जिम्मेदारी होगी कि कर्मियों के वेतन से कितनी EPF राशि काटी गयी, वह कहां जमा हुई और संबंधित खातों में उसकी प्रविष्टि क्यों नहीं दिख रही है.
15 हजार रुपये मासिक वेतन की मांग
सफाई कर्मियों ने मासिक वेतन बढ़ाकर 15 हजार रुपये करने की भी मांग की है. उनका कहना है कि महंगाई बढ़ने के बीच मौजूदा वेतन में परिवार चलाना मुश्किल हो रहा है.
नगर पंचायत के सफाई कर्मियों का काम सीधे शहर की स्वच्छता और सार्वजनिक स्वास्थ्य से जुड़ा है. ऐसे में वेतन और सेवा संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं होने पर इसका असर कर्मचारियों के साथ-साथ नगर की व्यवस्था पर भी पड़ सकता है.
पुराने सफाई कर्मियों को फिर काम पर रखने की मांग
कर्मियों ने पूर्व में कार्यरत नए सफाई कर्मियों को दोबारा काम पर रखने की मांग भी आवेदन में की है.
उनका कहना है कि सफाई व्यवस्था को बेहतर तरीके से संचालित करने के लिए पर्याप्त संख्या में कर्मियों की जरूरत है. ऐसे में पहले से काम कर चुके कर्मियों को फिर से काम पर रखने पर भी विचार किया जाना चाहिए.
11 से हड़ताल हुई तो शहर की सफाई पर पड़ेगा असर
सफाई कर्मियों ने साफ कर दिया है कि मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई तो वे 11 तारीख से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर चले जायेंगे.
यदि बड़ी संख्या में सफाई कर्मी काम बंद करते हैं तो इसका सीधा असर नगर पंचायत के वार्डों की सफाई, कचरा उठाव और सार्वजनिक स्थानों की स्वच्छता पर पड़ सकता है. खासकर लंबे समय तक हड़ताल जारी रहने पर शहर में कचरा जमा होने और लोगों को परेशानी होने की स्थिति बन सकती है.
इसलिए अब नगर पंचायत प्रशासन के सामने दोहरी चुनौती है. एक तरफ कर्मियों की वेतन और EPF से जुड़ी मांगों का समाधान करना होगा, वहीं दूसरी तरफ सफाई व्यवस्था को बाधित होने से बचाना होगा.
Sonbarsa Raj News: EO बोले- आवेदन मिलने की जानकारी नहीं
मामले में कार्यपालक पदाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि उन्हें आवेदन मिलने की जानकारी नहीं है.
ऐसे में अब यह भी महत्वपूर्ण होगा कि कर्मियों की ओर से दिये गये आवेदन की स्थिति क्या है और उनकी मांगों पर नगर पंचायत प्रशासन कब तक कार्रवाई करता है.
आवेदन देने वालों में बिरन मल्लिक, राजकुमार मल्लिक, रंजीत मल्लिक, बिजेंद्र मल्लिक, जोजन मल्लिक, अमर मल्लिक, मनीष कुमार सिंह, मुरारी सिंह और माधव कुमार सिंह समेत अन्य सफाई कर्मी शामिल थे.
