Sonbarsa Raj Raksha Bandhan: सोनवर्षाराज में रक्षाबंधन पर आमतौर पर भाई-बहन के रिश्ते और एक-दूसरे की सुरक्षा की बात होती है, लेकिन सोनवर्षाराज में बच्चों ने इस पर्व के मायने को कुछ और व्यापक बना दिया. किसी पोस्टर में भाई-बहन का प्रेम नजर आया तो किसी में नशे से दूर रहने का संदेश. वहीं कुछ बच्चों ने प्रकृति को भी अपना ‘भाई’ मानते हुए पेड़-पौधों की रक्षा का संकल्प लिया.
नगर पंचायत के मनौरी चौक स्थित ब्राइट फ्यूचर पब्लिक स्कूल में गुरुवार को रक्षाबंधन के अवसर पर पोस्टर मेकिंग प्रतियोगिता एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. इसमें छात्र-छात्राओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और अपनी कला के माध्यम से सामाजिक और पर्यावरणीय मुद्दों को सामने रखा.
राखी के रंगों के बीच सामाजिक संदेशों ने खींचा ध्यान
प्रतियोगिता में बच्चों ने आकर्षक राखियों के साथ अलग-अलग विषयों पर पोस्टर तैयार किये. पोस्टरों में रक्षाबंधन के पारंपरिक भाव के साथ भाई-बहन के प्रेम, सुरक्षा और आपसी जिम्मेदारी को रचनात्मक तरीके से दर्शाया गया.
बच्चों की बनाई कलाकृतियों में रंगों और चित्रों के माध्यम से संदेश देने की कोशिश की गयी. प्रदर्शनी में रखे पोस्टरों ने यह भी दिखाया कि छोटी उम्र में बच्चे अपने आसपास की सामाजिक समस्याओं और पर्यावरण से जुड़े मुद्दों को किस तरह समझ रहे हैं.
नशे से दूर रहने का संदेश, स्वस्थ जीवनशैली पर जोर
पोस्टर प्रतियोगिता में नशामुक्ति भी प्रमुख विषय रहा. बच्चों ने अपनी कलाकृतियों के माध्यम से लोगों को नशे से दूर रहने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश दिया.
पोस्टरों के जरिये यह बताने की कोशिश की गयी कि नशे की आदत केवल किसी एक व्यक्ति को प्रभावित नहीं करती, बल्कि उसका असर पूरे परिवार और समाज पर पड़ता है. बच्चों की ओर से दिया गया यह संदेश रक्षाबंधन के सुरक्षा और जिम्मेदारी वाले भाव से भी जोड़ा गया.
पेड़ों को बांधी राखी, प्रकृति की रक्षा का लिया संकल्प
कार्यक्रम का सबसे खास पहलू पर्यावरण संरक्षण से जुड़ा रहा. बच्चों ने पेड़-पौधों को राखी बांधकर उनकी रक्षा का संकल्प लिया.
बच्चों ने लोगों को अधिक से अधिक पौधे लगाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए जागरूक किया. रक्षाबंधन के माध्यम से प्रकृति के साथ सुरक्षा और जिम्मेदारी का रिश्ता जोड़ने की यह पहल बच्चों की रचनात्मक सोच को भी सामने लेकर आयी.
पेड़ को राखी बांधने के पीछे बच्चों का संदेश साफ था कि जिस तरह भाई की सुरक्षा की कामना की जाती है, उसी तरह प्रकृति की रक्षा भी समाज की जिम्मेदारी है.
बेहतर प्रदर्शन करने वाले बच्चे हुए सम्मानित
प्रतियोगिता के अंत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राओं को विद्यालय की ओर से पुरस्कृत किया गया. पुरस्कार पाकर बच्चों का उत्साह बढ़ा और अन्य विद्यार्थियों को भी रचनात्मक गतिविधियों में हिस्सा लेने की प्रेरणा मिली.
विद्यालय प्रबंधन ने बच्चों की कला के साथ उनके सामाजिक सरोकार से जुड़े संदेशों की भी सराहना की. कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता कराना नहीं, बल्कि बच्चों को सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों से जोड़ना भी रहा.
‘रक्षाबंधन सुरक्षा और जिम्मेदारी का संदेश देता है’
विद्यालय के निदेशक दीपक कुमार ने कहा कि रक्षाबंधन केवल भाई-बहन के रिश्ते तक सीमित पर्व नहीं है. यह सुरक्षा और जिम्मेदारी का संदेश भी देता है.
उन्होंने कहा कि रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से बच्चों को सामाजिक और पर्यावरणीय जिम्मेदारियों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है. नशामुक्त समाज और सुरक्षित पर्यावरण के लिए बच्चों में जागरूकता पैदा करना जरूरी है.
उनके अनुसार, इस तरह के कार्यक्रम बच्चों की प्रतिभा को निखारने के साथ उन्हें समाज और प्रकृति के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने के लिए प्रेरित करते हैं.
Sonbarsa Raj Raksha Bandhan: बच्चों की रचनात्मकता के साथ दिखी जिम्मेदारी की सोच
कार्यक्रम में बच्चों ने जिस तरह रक्षाबंधन को नशामुक्ति और पर्यावरण संरक्षण से जोड़ा, उससे यह भी सामने आया कि स्कूल की गतिविधियां केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं हैं. कला के माध्यम से बच्चों को अपने आसपास की समस्याओं पर सोचने और उनके समाधान का संदेश देने का अवसर मिला.
कार्यक्रम में प्रधानाध्यापक अंगेश आनंद, शिक्षक मनोज मंडल, राहुल कुमार, चमन, गौतम कुमार, बबलू कुमार, ऋतिक कुमार, मनोहर राय, प्रियदर्शी सिंह, मो अब्बुबकर, सौरभ राय, विजय श्रीवास्तव, मिथलेश झा, तरुण कुमार, अमरदीप कुमार और हरिकृष्ण सिंह समेत शिक्षिका अनिशा कुमारी, स्मिता सिंह, अदिति सिंह, उमा भारती, रेशमी कुमारी, स्नेहा प्रवीण एवं सिमरन सिंह मौजूद थीं.
