Simri Bakhtiyarpur Kanwariya: सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा जालंधर नाथ धाम में जलाभिषेक की तैयारी के साथ कांवरियों की पैदल यात्रा भी तेज हो गयी है. रविवार को बड़ी संख्या में कांवरियों का जत्था सिमरी बख्तियारपुर पहुंचा. शनिवार को मुंगेर घाट स्थित छर्रापट्टी से गंगाजल उठाकर पैदल निकले कांवरिये अब अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रहे हैं.
कांवरियों के पहुंचते ही सिमरी बख्तियारपुर का काली मंदिर परिसर बोलबम के जयकारों से गूंज उठा. यहां बोलबम सेवा समिति की ओर से कांवरियों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था की गयी. कुछ देर रुकने और भोजन करने के बाद कांवरियों का जत्था अमरपुर के लिए रवाना हो गया.
मुंगेर घाट से शुरू हुई पैदल कांवर यात्रा
कांवरियों ने शनिवार की सुबह मुंगेर घाट स्थित छर्रापट्टी से जल उठाया था. इसके बाद गंगाजल लेकर पैदल यात्रा शुरू की.
इनका गंतव्य सौरबाजार प्रखंड के रामपुर गांव स्थित तिलावे नदी तट पर विराजमान महाकाल बाबा जालंधर नाथ धाम है. सावन की अंतिम सोमवारी के अवसर पर सभी कांवरिये बाबा जालंधर नाथ का जलाभिषेक करेंगे.
लंबी पैदल यात्रा के बावजूद कांवरियों के उत्साह में कमी नहीं दिखी. बोलबम के जयकारों के साथ जत्था लगातार आगे बढ़ता रहा.
धमारा घाट में रात को किया विश्राम
कांवर यात्रा के दौरान शनिवार की रात कांवरियों ने धमारा घाट स्थित मां कात्यायनी मंदिर परिसर में विश्राम किया.
रात में विश्राम के बाद रविवार को यात्रा फिर शुरू हुई. दोपहर तक कांवरियों का जत्था सिमरी बख्तियारपुर पहुंच गया.
यहां काली मंदिर परिसर में उनके ठहरने की व्यवस्था की गयी. यात्रा के बीच विश्राम मिलने के बाद कांवरियों ने भोजन किया और कुछ समय आराम करने के बाद आगे की यात्रा शुरू की.
बोलबम सेवा समिति ने संभाली सेवा की जिम्मेदारी
कांवरियों की सुविधा के लिए बोलबम सेवा समिति की ओर से विशेष व्यवस्था की गयी. समिति के सदस्यों ने सिमरी बख्तियारपुर पहुंचने वाले कांवरियों का स्वागत किया और उन्हें भोजन कराया.
यात्रा के दौरान किसी प्रकार की परेशानी न हो, इसके लिए समिति के कार्यकर्ता जरूरी सुविधाओं का भी ध्यान रखते रहे. दूर-दराज से पैदल यात्रा कर आने वाले कांवरियों के लिए भोजन और विश्राम की व्यवस्था ने उनकी थकान कुछ कम की.
भोजन करने के बाद कांवरियों का जत्था अमरपुर के लिए रवाना हो गया.
अंतिम सोमवारी पर होगा जलाभिषेक
कांवरियों की मंजिल अब बाबा जालंधर नाथ धाम है. पैदल यात्रा पूरी करने के बाद सावन की अंतिम सोमवारी पर बाबा जालंधर धाम में गंगाजल चढ़ाया जायेगा.
कांवरियों के लिए यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आस्था और संकल्प की यात्रा भी है. लंबी दूरी तय करने के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है.
Simri Bakhtiyarpur Kanwariya: ‘कांवरियों की सेवा करना सौभाग्य की बात’
बोलबम सेवा समिति के अध्यक्ष शंकर भगत ने कहा कि कांवरियों की सेवा करना समिति के लिए सौभाग्य की बात है. दूर-दराज से पैदल यात्रा करके आने वाले श्रद्धालुओं को भोजन, विश्राम और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए समिति के कार्यकर्ता पूरी श्रद्धा के साथ जुटे हैं.
उन्होंने कहा कि कांवरियों की सेवा के लिए समिति की ओर से हरसंभव व्यवस्था की गयी है.
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