सहरसा : कोसी नदी के बढ़ते जलस्तर और नेपाल में आयी बाढ़ का असर कोसी क्षेत्र के गांवों में भी दिखने लगा है. बाढ़ की स्थिति को देखते हुए अंतरराष्ट्रीय संस्था सेवा इंटरनेशनल ने प्रभावित परिवारों की मदद के लिए राहत अभियान शुरू किया है. कोटक महिंद्रा बैंक के सहयोग से सहरसा जिले के बाढ़ प्रभावित इलाकों में राशन किट, राहत सामग्री और तिरपाल का वितरण किया जा रहा है.
अभियान के तहत सहरसा और सुपौल के 35 से अधिक गांवों के 1,350 से ज्यादा बाढ़ प्रभावित परिवारों तक तत्काल जरूरत की सामग्री पहुंचाने का लक्ष्य रखा गया है. संस्था की टीम प्रभावित इलाकों का स्थानीय स्तर पर आकलन कर जरूरतमंद परिवारों तक राहत सामग्री पहुंचाने में जुटी है.
राहत किट में राशन से लेकर सैनिटरी नैपकिन तक
राहत अभियान के मुख्य बिंदु
- सहरसा और सुपौल के 35 से अधिक गांवों में राहत पहुंचाने का लक्ष्य.
- 1,350 से अधिक बाढ़ प्रभावित परिवारों तक मदद पहुंचायी जायेगी.
- राशन किट के साथ दैनिक उपयोग की जरूरी सामग्री दी जा रही है.
- पानी की बोतल, साबुन और महिलाओं के लिए सैनिटरी नैपकिन भी शामिल.
- बारिश और बाढ़ से बचाव के लिए जरूरतमंद परिवारों को तिरपाल उपलब्ध कराया जा रहा है.
जलई गांव निवासी नीतीश ने राहत अभियान की सराहना करते हुए बताया कि राहत किट में राशन के साथ रोजमर्रा में इस्तेमाल होने वाली जरूरी वस्तुएं भी दी जा रही हैं. उन्होंने कहा कि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित गांवों तक पहुंचकर राहत सामग्री उपलब्ध कराना सराहनीय पहल है. इससे बाढ़ प्रभावित परिवारों को तत्काल जरूरत की सामग्री मिल रही है.
2008 से कोसी क्षेत्र में काम कर रही संस्था
सेवा इंटरनेशनल से जुड़े अभिषेक ने बताया कि संस्था वर्ष 2008 से लगातार कोसी क्षेत्र में काम कर रही है. पिछले वर्ष भी बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों के बीच राहत सामग्री का वितरण किया गया था. इस वर्ष भी बाढ़ की स्थिति को देखते हुए प्रभावित परिवारों तक समय पर सहायता पहुंचाने के उद्देश्य से राहत अभियान शुरू किया गया है.
समय पर मदद पहुंचाना प्राथमिकता
कोटक महिंद्रा बैंक से जुड़े अमित ने बताया कि सेवा इंटरनेशनल और बैंक मिलकर बाढ़ प्रभावित ग्रामीणों तक राहत पहुंचाने का प्रयास कर रहे हैं. कठिन परिस्थितियों में जरूरतमंद परिवारों तक समय पर आवश्यक सामग्री पहुंचाना प्राथमिकता है.
संस्था का कहना है कि बाढ़ से प्रभावित लोगों की जरूरत का आकलन कर उसी के अनुसार सहायता पहुंचाने का प्रयास जारी रहेगा, ताकि आपदा की इस घड़ी में प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत मिल सके.
