Salkhua Panchayat Yojana Controversy: सलखुआ में पंचायतों में विकास योजनाओं के चयन को लेकर होने वाली खींचतान अब सलखुआ प्रखंड में विवाद का रूप लेती दिख रही है. वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए पंचायत समिति स्तर पर योजनाओं के चयन और उन्हें ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज करने की प्रक्रिया को लेकर कुछ पंचायत समिति सदस्यों ने सवाल खड़े किये हैं.
समिति सदस्यों ने प्रखंड प्रमुख, उनके पति और प्रखंड विकास पदाधिकारी पर योजनाओं के चयन में कथित मनमानी और पक्षपात के आरोप लगाते हुए वरीय अधिकारियों से शिकायत की है. हालांकि, लगाए गये आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है.
बिना सहमति योजनाएं दर्ज करने का आरोप
शिकायत करने वाले पंचायत समिति सदस्यों का आरोप है कि उनकी सहमति के बिना भी उनके क्षेत्र में कई योजनाओं को ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया.
सदस्यों का दावा है कि योजना चयन की प्रक्रिया में समानता नहीं बरती जा रही है. उन्होंने आरोप लगाया है कि जिन समिति सदस्यों द्वारा अधिक राशि दी जाती है, उनके क्षेत्रों में अधिक योजनाएं दर्ज या स्वीकृत की जा रही हैं.
भुगतान की प्रक्रिया में भी कथित अनियमितता बरते जाने का आरोप लगाया गया है. हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है.
आपत्ति जताने पर धमकी का भी आरोप
मामला सिर्फ योजनाओं के चयन तक सीमित नहीं है. शिकायतकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि योजनाओं को लेकर आपत्ति जताने पर उन्हें गंभीर मुकदमों में फंसाने की धमकी दी जाती है.
सदस्यों का कहना है कि विवाद लगातार बढ़ने से प्रखंड में तनाव की स्थिति बन रही है. उन्हें आशंका है कि यदि समय रहते मामले का समाधान नहीं हुआ तो किसी अप्रिय घटना की स्थिति उत्पन्न हो सकती है.
प्राक्कलन और योजना राशि पर भी सवाल
पंचायत समिति सदस्यों ने योजनाओं की राशि और प्राक्कलन को लेकर भी सवाल उठाये हैं.
शिकायतकर्ताओं का दावा है कि कुछ योजनाओं में पूर्व निर्धारित प्राक्कलन के अनुरूप राशि दर्ज नहीं की गयी. वहीं कुछ मदों में निर्धारित सीमा से अधिक राशि की योजनाएं पोर्टल पर दर्ज किये जाने का भी आरोप लगाया गया है.
सदस्यों ने ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज योजनाओं की नियमों के अनुरूप जांच कराने की मांग की है.
पहले भी शिकायत करने का दावा
शिकायतकर्ताओं का कहना है कि सरकारी राशि के कथित दुरुपयोग को लेकर पूर्व में भी जिला स्तर पर शिकायत की गयी थी. लेकिन अपेक्षित कार्रवाई नहीं होने के कारण उन्हें दोबारा सामूहिक रूप से आवेदन देने के लिए मजबूर होना पड़ा.
अब सदस्यों ने पूरे मामले की जांच कर यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किन नियमों के तहत योजनाओं का चयन और पोर्टल पर प्रविष्टि की गयी.
बीडीओ बोले- आरोप तथ्यहीन, जांच के बाद होगी कार्रवाई
मामले में बीडीओ ने आरोपों को तथ्यहीन बताया है. उन्होंने कहा कि पंचायत समिति सदस्यों और प्रमुख के बीच उत्पन्न विवाद में अधिकारी को आरोपित करना उचित नहीं है.
बीडीओ ने कहा कि पूरे मामले की जांच करायी जायेगी. जांच के दौरान यदि कोई व्यक्ति दोषी पाया जाता है तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जायेगी.
प्रमुख ने कहा- मनमाफिक योजना नहीं मिलने पर साजिश
वहीं, प्रखंड प्रमुख सरिता संगम ने योजनाओं के आवंटन में किसी भी तरह के भेदभाव से इनकार किया है.
उन्होंने आरोपों को बेबुनियाद बताते हुए कहा कि मनमाफिक योजना नहीं मिलने के कारण उन्हें बदनाम करने की साजिश की जा रही है. प्रमुख ने यह भी कहा कि उन्होंने स्वयं मामले की जांच कराने की मांग की है.
उनका कहना है कि जांच में यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए.
Salkhua Panchayat Yojana Controversy: अब ई-ग्राम स्वराज पोर्टल की जांच पर टिकी नजर
पूरे विवाद में सबसे अहम सवाल ई-ग्राम स्वराज पोर्टल पर दर्ज योजनाओं को लेकर है. पंचायत समिति सदस्यों ने मांग की है कि पोर्टल पर दर्ज सभी योजनाओं की जांच की जाये और नियमों के विपरीत पायी जाने वाली योजनाओं को रद्द किया जाये.
इसके साथ ही योजना चयन से लेकर स्वीकृति और भुगतान तक की पूरी प्रक्रिया की जांच कराने की मांग की गयी है.
फिलहाल दोनों पक्षों की ओर से अलग-अलग दावे सामने आये हैं. ऐसे में निष्पक्ष जांच ही यह स्पष्ट कर सकेगी कि योजनाओं के चयन और प्रविष्टि में वास्तव में कोई अनियमितता हुई है या फिर यह पंचायत समिति के भीतर चल रहे राजनीतिक विवाद का परिणाम है.
