सहुरी-रैठी मुख्य सड़क बनी ‘मौत का रास्ता’, जर्जर गड्ढों के कारण हादसे आम

सहरसा के सलखुआ में सहुरी-रैठी मुख्य सड़क जर्जर होकर खतरनाक गड्ढों में बदल गई है. प्रशासन की अनदेखी से नाराज ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द मरम्मत नहीं हुई तो वे सड़कों पर उतरकर आंदोलन करेंगे.

सलखुआ (सहरसा) से वशिष्ठ कुमार की रिपोर्ट: कोसी तटबंध के भीतर दियारा क्षेत्र की महत्वपूर्ण सहुरी-रैठी मुख्य सड़क इन दिनों अपनी बदहाली पर आंसू बहा रही है. कभी पक्की रही यह सड़क अब पूरी तरह जर्जर होकर बड़े-बड़े गड्ढों में तब्दील हो चुकी है. सड़क की हालत इतनी खराब है कि स्थानीय ग्रामीणों ने इसे ‘मौत का रास्ता’ कहना शुरू कर दिया है.

हर कदम पर हादसे का डर, घायल हो रहे राहगीर

ग्रामीणों के अनुसार, सड़क पर हर कुछ फीट पर गहरे गड्ढे बने हुए हैं. इसके कारण बाइक और साइकिल सवार आए दिन दुर्घटनाग्रस्त हो रहे हैं. अब तक कई लोग इन गड्ढों की वजह से गिरकर गंभीर रूप से चोटिल हो चुके हैं. बारिश के मौसम में स्थिति और भी ज्यादा भयावह हो जाती है क्योंकि गड्ढों में पानी भर जाने से गहराई का अंदाजा नहीं मिल पाता, जिससे हादसों की आशंका कई गुना बढ़ जाती है.

महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग की अनदेखी

यह सड़क सहुरी और रैठी सहित दियारा क्षेत्र के कई बड़े गांवों को जोड़ने वाली प्रमुख जीवनरेखा है. इसके बावजूद वर्षों से इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है. सड़क की इस दयनीय स्थिति का सबसे बुरा प्रभाव निम्नलिखित वर्गों पर पड़ रहा है:

  • स्कूली बच्चे: हर दिन जोखिम उठाकर स्कूल जाने को मजबूर हैं.
  • मरीज: आपातकालीन स्थिति में अस्पताल ले जाने में भारी देरी और परेशानी होती है.
  • किसान: फसलों को मंडी तक ले जाने में परिवहन की गंभीर समस्या का सामना करना पड़ रहा है.

प्रशासन के खिलाफ आक्रोश, आंदोलन की चेतावनी

सड़क की मरम्मत न होने से स्थानीय लोगों में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के प्रति गहरा गुस्सा है. ग्रामीणों का कहना है कि उन्होंने कई बार लिखित और मौखिक रूप से सड़क सुधार की मांग की, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. ग्रामीणों ने अब आर-पार की लड़ाई का मन बना लिया है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही सड़क का निर्माण कार्य शुरू नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे.

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Published by: Divyanshu Prashant

Divyanshu Prashant is a contributor at Prabhat Khabar.

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