SAHARSA: वेंडर के एमडीएम का ग्रामीणों ने किया बहिष्कार, बोले- स्कूल में बनेगा भोजन तभी खायेंगे बच्चे

गुरुवार को महिषी प्रखंड के बलुआहा एवं नवहट्टा के मध्य विद्यालय चंद्रायण में भोजन खाने के बाद बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद शुक्रवार को नवहट्टा प्रखंड के खड़का-तेलवा पंचायत में ग्रामीणों ने वेंडर द्वारा भेजे गए एमडीएम का बहिष्कार कर दिया

सहरसा से राजेश डेनजील की रिपोर्ट:

सहरसा: जिले में एनजीओ वेंडर के माध्यम से दिए जा रहे मध्याह्न भोजन (एमडीएम) को लेकर अभिभावकों में नाराजगी बढ़ती जा रही है. गुरुवार को महिषी प्रखंड के बलुआहा एवं नवहट्टा के मध्य विद्यालय चंद्रायण में भोजन खाने के बाद बच्चों के बीमार होने की घटना के बाद शुक्रवार को नवहट्टा प्रखंड के खड़का-तेलवा पंचायत में ग्रामीणों ने वेंडर द्वारा भेजे गए एमडीएम का बहिष्कार कर दिया.

ग्रामीणों ने स्कूल पहुंचे भोजन वाहन को वापस लौटा दिया और स्पष्ट कहा कि पहले की तरह विद्यालय में ही भोजन बनाया जाए. उनका कहना था कि बाहर से आने वाले भोजन पर भरोसा नहीं रह गया है. जब तक स्कूल में ताजा खाना नहीं बनेगा, तब तक बच्चे वेंडर का भोजन नहीं खायेंगे.

उत्क्रमित मध्य विद्यालय खड़का-तेलवा के प्रधानाध्यापक राजा कुमार पोद्दार ने बताया कि सुबह से ही ग्रामीण विद्यालय परिसर के आसपास जुटे हुए थे. जैसे ही एमडीएम की गाड़ी पहुंची, अभिभावकों एवं ग्रामीणों ने सामूहिक रूप से भोजन लेने से इंकार कर दिया. उन्होंने कहा कि विद्यालय में 160 बच्चे नामांकित हैं, जिनमें प्रतिदिन करीब 100 से 125 बच्चे उपस्थित रहते हैं.

वहीं नव प्राथमिक टोला चाही खड़का-तेलवा में भी ग्रामीणों ने बच्चों को वेंडर का भोजन खाने से रोक दिया. अभिभावकों का कहना था कि स्कूल में बनने वाले भोजन की गुणवत्ता पर नजर रहती थी, लेकिन बाहर से आने वाले भोजन को लेकर लगातार आशंका बनी हुई है.

बलुआहा एवं चंद्रायण में बच्चों की तबीयत बिगड़ने की घटना के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल है. ग्रामीणों ने प्रशासन से विद्यालयों में पूर्व व्यवस्था के तहत एमडीएम संचालन की मांग की है.

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By Shruti Kumari

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