Saharsa Journalist News: सहरसा सदर अस्पताल में प्रभात खबर डिजिटल के पत्रकार के साथ कथित मारपीट का मामला तूल पकड़ता जा रहा है. घटना को लेकर राजनीतिक प्रतिक्रिया भी सामने आने लगी है. विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता ने घटना पर दुख जताया है. उन्होंने कहा कि पत्रकार के साथ हाथापाई और मारपीट कतई बर्दाश्त नहीं की जा सकती.
विधायक बोले- शिकायत करें, लेकिन मारपीट नहीं
विधायक इंजीनियर आईपी गुप्ता ने कहा कि किसी पत्रकार की रिपोर्टिंग से आपत्ति है तो शिकायत की जा सकती है. पुलिस को भी बुलाया जा सकता है. लेकिन हाथापाई और मारपीट का रास्ता नहीं अपनाया जा सकता.
उन्होंने घटना को अशोभनीय बताते हुए प्रशासन से कार्रवाई की मांग की. विधायक ने कहा कि जो भी दोषी हैं, उनके खिलाफ तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए. उन्होंने पत्रकारों के खिलाफ बढ़ती हिंसा पर भी चिंता जताई.
RJD ने सोशल मीडिया पोस्ट में डॉक्टरों पर साधा निशाना
इस मामले को लेकर राजद ने भी सोशल मीडिया पर पोस्ट किया. पार्टी ने अस्पतालों की व्यवस्था और डॉक्टरों के व्यवहार पर सवाल उठाते हुए तीखी टिप्पणी की.
RJD ने अपनी पोस्ट में लिखा, "हम तुम्हारे बाप हैं" - डॉक्टर, पत्रकार से. पार्टी ने आरोप लगाया कि बिहार में अस्पताल इलाज के लिए नहीं, बल्कि डॉक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और सुरक्षाकर्मियों की कथित गुंडागर्दी के लिए ज्यादा चर्चा में रहते हैं.
बच्चों की रिपोर्टिंग करने अस्पताल पहुंचे थे पत्रकार
पत्रकार की ओर से दिए गए आवेदन के अनुसार, वह मिड डे मील खाने के बाद बीमार हुए बच्चों की रिपोर्टिंग के लिए सदर अस्पताल की आपातकालीन सेवा में पहुंचे थे. बच्चों का वीडियो बनाने के बाद वह अस्पताल के बाहर बरामदे में खबर के लिए पीटीसी कर रहे थे.
आवेदन में आरोप लगाया गया है कि अस्पताल प्रबंधक सिंपी कुमारी की ओर से अस्पताल प्रभारी डॉ. अजीत और डॉ. एसके आजाद से शिकायत की गई. इसके बाद दोनों चिकित्सकों की ओर से कथित तौर पर गाली-गलौज और मारपीट की गई. पत्रकार ने जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया है.
ओटी में ले जाकर गला दबाने का भी आरोप
पत्रकार के आवेदन में आरोप लगाया गया है कि डॉ. एसके आजाद और अन्य लोगों के उकसाने पर करीब 20 से 25 लोगों को बुलाया गया. इसके बाद उनके साथ मारपीट की गई.
आवेदन के मुताबिक, पत्रकार को जबरन ओटी की ओर ले जाया गया. वहां एक कमरे में बंद कर दिया गया. पत्रकार ने कमरे के अंदर गला दबाने और शरीर के अलग-अलग हिस्सों पर प्रहार करने का आरोप लगाया है.
CCTV फुटेज सुरक्षित कराने की मांग
पत्रकार ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच की मांग की है. इसके लिए उन्होंने सदर अस्पताल परिसर और ओटी के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज सुरक्षित कराने की मांग की है.
मामले में पत्रकार की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी. इस घटना को लेकर अब प्रशासन की कार्रवाई पर नजर है.
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