Saharsa News: कोसी नदी का जलस्तर भले ही कुछ कम हुआ हो, लेकिन महिषी के वीरवार गांव में घटता पानी ग्रामीणों के लिए नई मुसीबत लेकर आया है. पिछले कई दिनों से जारी कटाव ने सोमवार को अचानक विकराल रूप ले लिया. सिरवार वीरवार पंचायत के वार्ड नंबर 5 स्थित वीरवार गांव में कोसी नदी की कटान की चपेट में आकर करीब 10 घर नदी में समा गये.
अपनी आंखों के सामने वर्षों से बनाया आशियाना नदी में विलीन होते देख प्रभावित परिवारों के सामने अब सबसे बड़ा सवाल सुरक्षित ठिकाने का है. कटाव की रफ्तार इतनी तेज है कि गांव के अन्य परिवार भी अपने घर और सामान को लेकर चिंतित हैं. ग्रामीणों का कहना है कि रात में नदी के कटाव की आवाज और घरों के आसपास जमीन खिसकने के डर से लोग रतजगा करने को मजबूर हैं.
देखते ही देखते नदी में समा गये घर
स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सोमवार को कटाव ने कई परिवारों को बेघर कर दिया. सीताराम साह, फूलो यादव, जय नारायण यादव, श्याम यादव, वीनो शर्मा, महेश्वरी शर्मा समेत करीब 10 लोगों के घर कटाव की चपेट में आ गये.
ग्रामीणों के मुताबिक पहले जमीन नदी की ओर खिसकी और देखते ही देखते घरों का हिस्सा नदी में जाने लगा. अचानक आयी इस स्थिति के कारण प्रभावित परिवारों को घर का सामान सुरक्षित निकालने तक का पर्याप्त समय नहीं मिल पाया.
वर्षों की मेहनत से तैयार घर कुछ ही समय में नदी में समा गये. अब प्रभावित परिवारों के सामने रहने और अपने सामान को सुरक्षित रखने की चुनौती खड़ी हो गयी है.
जलस्तर घटा तो बढ़ गया कटाव का खतरा
ग्रामीणों के अनुसार कोसी नदी के जलस्तर में पिछले कुछ दिनों से उतार-चढ़ाव जारी है. जलस्तर में कमी आने के बाद कटाव की रफ्तार तेज हो गयी है.
कोसी के किनारे बसे गांवों में जलस्तर कम होने के बाद कटाव का खतरा बढ़ना ग्रामीणों के लिए चिंता का विषय बना हुआ है. वीरवार में भी नदी लगातार किनारे की जमीन को काट रही है.
ग्रामीणों को आशंका है कि यदि कटाव को तत्काल नहीं रोका गया तो आने वाले दिनों में और घर इसकी चपेट में आ सकते हैं.
घर बचाने के लिए रात में कर रहे रतजगा
कटाव के कारण गांव में डर का माहौल है. जिन परिवारों के घर अभी सुरक्षित हैं, वे भी रात में चैन से सो नहीं पा रहे हैं.
ग्रामीण घर और उसमें रखे सामान की सुरक्षा के लिए रात में जागकर निगरानी कर रहे हैं. कई परिवारों को डर है कि कहीं रात के समय अचानक जमीन कटकर नदी में न चली जाए.
प्रभावित परिवारों के सामने एक ओर घर बचाने की चिंता है तो दूसरी ओर बच्चों, बुजुर्गों और घरेलू सामान को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की चुनौती.
प्रशासन से जल्द कटावरोधी कार्य की मांग
कटाव की गंभीर स्थिति को देखते हुए स्थानीय लोगों ने प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है. स्थानीय मुखिया मोना देवी, मुखिया प्रतिनिधि नीतीश कुमार, पंचायत समिति सदस्य राजीव कुमार सहित अन्य लोगों ने जिलाधिकारी से वीरवार गांव पहुंचकर स्थिति का जायजा लेने की मांग की है.
ग्रामीणों ने कहा कि कटाव को रोकने के लिए जल्द से जल्द कटावरोधी कार्य शुरू कराया जाना चाहिए. साथ ही जिन परिवारों के घर नदी में विलीन हो चुके हैं, उन्हें सुरक्षित स्थान पर पहुंचाने की व्यवस्था की जानी चाहिए.
Saharsa News: प्रभावित परिवारों को अब मदद का इंतजार
कोसी के कटाव ने प्रभावित परिवारों के सामने सिर्फ घर का संकट नहीं खड़ा किया है, बल्कि उनके रोजमर्रा के जीवन और भविष्य को भी अस्थिर कर दिया है. जिन लोगों का आशियाना नदी में समा गया, उन्हें अब रहने के लिए सुरक्षित जगह और प्रशासनिक सहायता की जरूरत है.
ग्रामीणों की मांग है कि प्रशासन केवल कटाव की निगरानी तक सीमित न रहे, बल्कि प्रभावित परिवारों को तत्काल राहत उपलब्ध कराये और संवेदनशील हिस्सों में स्थायी अथवा प्रभावी कटावरोधी उपाय शुरू करे.
वीरवार गांव में फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या प्रशासन समय रहते कटाव को रोक पाएगा या कोसी की धार आने वाले दिनों में और घरों को अपने साथ बहा ले जाएगी?
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