Saharsa news: सोनवर्षराज से मुकेश कुमार सिंह की रिपोर्ट:
सोनवर्षा राज का मुख्य बाजार इन दिनों मक्का व्यापार का बड़ा केंद्र बन गया है. इलाके में बड़े पैमाने पर हो रही खरीद-बिक्री के कारण बाजार को अब “पीला सोना” का हब कहा जाने लगा है. सुबह से लेकर देर शाम तक बाजार में किसानों, व्यापारियों और मजदूरों की भारी चहल-पहल देखने को मिल रही है.
आसपास के गांवों के अलावा अन्य जिलों से भी किसान ट्रैक्टर, पिकअप एवं छोटे मालवाहक वाहनों से मक्का लेकर सोनवर्षा बाजार पहुंच रहे हैं. बाजार में बड़े व्यापारियों से लेकर छोटे कारोबारी तक मक्का की खरीद कर रहे हैं. वर्तमान में मक्का का भाव 1700 से 1800 रुपये प्रति क्विंटल के बीच चल रहा है.
व्यापारी किसानों से सीधे मक्का खरीदकर उसे गोदामों में भंडारित कर रहे हैं. सोनवर्षा बाजार में दर्जनों गोदाम बनाए गए हैं, जहां हजारों बोरी मक्का जमा किया जा रहा है. यहां से मक्का दूसरे जिलों एवं राज्यों में भेजा जाता है. व्यापारियों का कहना है कि इस बार मक्का की आवक बेहतर है और मांग लगातार बनी हुई है.
दूसरे राज्यों के मजदूरों से बढ़ी बाजार की रौनक
मक्का व्यापार में दूसरे राज्यों से आए मजदूरों की भूमिका भी अहम मानी जा रही है. उत्तर प्रदेश, झारखंड एवं पश्चिम बंगाल समेत कई राज्यों के मजदूर बाजार में कार्य कर रहे हैं. ये मजदूर बोरी ढुलाई, तौल, सफाई, पैकिंग तथा ट्रकों पर लोडिंग-अनलोडिंग का काम करते हैं.
दिनभर ट्रकों की आवाजाही और गोदामों में कामकाज के कारण पूरा बाजार गुलजार बना रहता है. मजदूरों की सक्रियता से मक्का व्यापार की रफ्तार लगातार तेज बनी हुई है.
ओलावृष्टि से किसानों की बढ़ी चिंता
हाल में हुई ओलावृष्टि ने किसानों की परेशानी बढ़ा दी है. कई किसानों की तैयार फसल खेतों में ही खराब हो गई, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा है. किसानों का कहना है कि मौसम की मार के कारण लागत निकालना भी मुश्किल हो गया है.
जिन किसानों की फसल बची हुई है, वे जल्द से जल्द अपनी उपज बेचने के लिए बाजार पहुंच रहे हैं. स्थानीय किसानों ने प्रशासन एवं सरकार से फसल क्षति का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने की मांग की है. किसानों का कहना है कि समय पर सहायता नहीं मिलने पर आर्थिक संकट और गहरा सकता है.
वहीं व्यापारियों का मानना है कि आने वाले समय में सोनवर्षा बाजार मक्का व्यापार का और बड़ा केंद्र बन सकता है.
