वेतन वृद्धि की मांग पर अड़े सफाई कर्मी: तीसरे दिन भी नगर निगम में हड़ताल जारी, शहर में सफाई व्यवस्था चरमराई

सफाई कर्मियों का आरोप है कि एजेंसी के माध्यम से काम लेने के बावजूद सरकार द्वारा निर्धारित वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है. कर्मियों ने वेतन वृद्धि, ईपीएफ से जुड़ी समस्याओं के समाधान और प्रतिमाह नियमित व समय पर वेतन भुगतान की मांग उठाई है.

सहरसा से (विनय कुमार मिश्र) की रिपोर्ट:

सहरसा: नगर निगम के सफाई कर्मियों की 10 सूत्री मांगों को लेकर जारी हड़ताल तीसरे दिन बुधवार को भी जारी रही, जिससे शहर की सफाई व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है.

सफाई कर्मियों का आरोप है कि एजेंसी के माध्यम से काम लेने के बावजूद सरकार द्वारा निर्धारित वेतन से कम भुगतान किया जा रहा है. कर्मियों ने वेतन वृद्धि, ईपीएफ से जुड़ी समस्याओं के समाधान और प्रतिमाह नियमित व समय पर वेतन भुगतान की मांग उठाई है.

संगठन अध्यक्ष कुशाग्र कुमार ने बताया कि निगम प्रशासन के साथ लगातार वार्ता हो रही है, लेकिन सफाई कर्मियों के हक की बात आते ही वार्ता विफल हो जा रही है. उन्होंने कहा कि उनकी 10 सूत्री मांगों में सबसे प्रमुख मांग वेतन वृद्धि है.

उन्होंने स्पष्ट कहा कि यदि निगम उनकी वेतन वृद्धि की मांग को स्वीकार कर लेता है तो अन्य मांगों पर समझौता करने को वे तैयार हैं. लेकिन लिखित आश्वासन नहीं मिलने के कारण वार्ता का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकल रहा है.

कुशाग्र कुमार ने चेतावनी दी कि जब तक वेतन वृद्धि की मांग स्वीकार नहीं की जाती, तब तक हड़ताल जारी रहेगी.

इस हड़ताल में कपिल देव मल्लिक, अमर मल्लिक, बेचन उर्फ मुन्ना मल्लिक, विक्की मल्लिक, ओम प्रकाश मल्लिक, वाल्मीकी मल्लिक, सुलेखा देवी, निर्मला देवी, तारा देवी, पविया देवी सहित कई कर्मी शामिल हैं.

हड़ताल के कारण नगर में जगह-जगह कचरे का अंबार लग गया है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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