सहरसा कृषि उपज मंडी में अनाज और दलहन कारोबार का मिला-जुला रुख देखने को मिला है. शनिवार को मंडी में उत्पादों की आवक सामान्य रहने के बावजूद मक्का और गेहूं के भावों में नरमी दर्ज की गई, जबकि चावल के बाजार में जोरदार लिवाली से कीमतों में मजबूती आई है. कारोबारियों के अनुसार, बाहरी राज्यों से लगातार आ रही मांग के चलते चावल की विभिन्न किस्मों के दाम मजबूत बने हुए हैं. वहीं, मक्का की अधिक आवक और खरीदारों की सीमित सक्रियता के कारण कीमतों पर दबाव बना हुआ है.
मक्का और गेहूं में सुस्ती, चावल में क्यों आई तेजी?
मंडी विश्लेषकों और स्थानीय व्यापारियों के अनुसार बाजार की वर्तमान स्थिति के मुख्य कारण:
- मक्का में नरमी: किसानों द्वारा लगातार मक्का मंडी में लाया जा रहा है, जिससे आवक काफी बढ़ गई है. इसके मुकाबले बड़े खरीदार सीमित मात्रा में उठाव कर रहे हैं, जिससे मक्का ₹1900 से ₹2000 प्रति क्विंटल के स्तर पर फिसल गया है.
- गेहूं का बाजार: पर्याप्त स्टॉक और उपलब्धता के चलते गेहूं की कीमतों में भी नरमी बनी हुई है.
- चावल में मजबूती: बाहर के बाजारों से प्रीमियम और सामान्य दोनों श्रेणियों के चावल की मांग तेज बनी हुई है, जिससे आने वाले दिनों में कीमतों में और तेजी आने की संभावना है.
सहरसा मंडी: प्रमुख जिंसों के ताजा थोक भाव (प्रति क्विंटल/यूनिट)
1. अनाज एवं चावल मंडी
| जिंस / खाद्यान्न | क्वालिटी / किस्म | वर्तमान दर (प्रति क्विंटल) |
| मक्का | सामान्य | ₹1,900 - ₹2,000 |
| गेहूं | सामान्य | ₹2,400 - ₹2,500 |
| चावल | खिलाखिला | ₹5,300 - ₹5,400 |
| बासमती चावल | 24 कैरेट | ₹5,700 - ₹5,800 |
| चावल | 24 कैरेट जी हां | ₹5,700 - ₹5,800 |
2. दलहन और तिलहन बाजार
| जिंस | प्रकार / पैकिंग | वर्तमान दर |
| अरहर दाल | शुद्ध | ₹12,500 - ₹13,000 प्रति क्विंटल |
| चना दाल | साफ | ₹7,500 - ₹8,000 प्रति क्विंटल |
| मसूर दाल | सामान्य | ₹6,500 - ₹7,000 प्रति क्विंटल |
| गोटा मूंग | साबुत | ₹10,000 - ₹10,500 प्रति क्विंटल |
| गोटा चना | साबुत | ₹6,500 - ₹6,700 प्रति क्विंटल |
| पीला सरसों | तिलहन | ₹11,000 - ₹12,000 प्रति क्विंटल |
| धारा सरसों तेल | 15 लीटर टिन | ₹2,550 - ₹2,600 प्रति टिन |
3. हरी सब्जी व कंदमूल मंडी
| जिंस | वर्तमान दर (प्रति क्विंटल) |
| प्याज | ₹1,800 - ₹2,200 |
| आलू | ₹1,000 - ₹1,200 |
अगले सप्ताह पर टिकी व्यापारियों की नजर
मंडी विशेषज्ञों के अनुसार, अगले सप्ताह मक्का की नई आवक और चावल की बाहरी मांग के रुख से मंडी की आगे की दिशा तय होगी. किसानों को सलाह दी गई है कि वे अपनी उपज की बिक्री से पहले दैनिक मंडी भाव पर नजर बनाए रखें.
