Saharsa News: सहरसा नगर निगम क्षेत्र के सबसे व्यस्त लक्ष्मीनिया चौक पर शनिवार को जलजमाव ने शहर की ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा दी. सड़क पर घुटने भर पानी जमा होने से घंटों लंबा जाम लगा रहा और लोगों को भारी परेशानी झेलनी पड़ी. मौके पर पहुंचीं नगर निगम की महापौर बेन प्रिया ने पानी में उतरकर निरीक्षण किया और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए डीएम से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की.
घुटने भर पानी में उतरकर मेयर ने देखा हालात
महापौर बेन प्रिया ने बताया कि वह बुद्धा अस्पताल में एक मरीज का हालचाल जानने जा रही थीं. इसी दौरान लक्ष्मीनिया चौक पर भीषण जाम और जलजमाव देखकर उन्होंने वाहन रोक दिया. इसके बाद वह खुद घुटने भर पानी में उतरकर सड़क की स्थिति का जायजा लेने लगीं. मौके पर मौजूद लोगों ने भी उन्हें सड़क की बदहाल स्थिति से अवगत कराया.
प्रशासन के दावों पर उठाए सवाल
निरीक्षण के दौरान महापौर ने कहा कि नगर निगम और संबंधित विभाग की ओर से पहले ही निर्देश दिया गया था कि नेशनल हाईवे और बुडको के नाला निर्माण का कार्य पूरा होने तक लोगों की सुविधा के लिए सड़क पर ईंट और राबिश बिछाई जाए. अधिकारियों ने दावा किया था कि यह काम पूरा हो चुका है, लेकिन मौके पर ऐसा कुछ भी नजर नहीं आया. उन्होंने इसे प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण बताया.
जलजमाव से बढ़ रहा हादसों का खतरा
महापौर ने कहा कि सड़क पर बने गड्ढों और जलभराव के कारण लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है. उन्होंने दावा किया कि इसी रास्ते पर एक मासूम बच्ची का हाथ टूट चुका है. सरबा ढाला सहित आसपास के इलाकों में भी हालात खराब हैं. हाईवे निर्माण और अधूरी जल निकासी व्यवस्था के कारण बारिश का पानी निकल नहीं पा रहा है, जिससे समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है.
Saharsa News: डीएम से फोन पर की शिकायत, धरने की चेतावनी
महापौर ने बताया कि उन्होंने जिलाधिकारी दीपेश कुमार से फोन पर बात कर उन्हें मौके पर आने का अनुरोध किया. उन्होंने कहा कि जब तक लक्ष्मीनिया चौक पर ईंट और राबिश बिछाकर लोगों को राहत नहीं दी जाती, तब तक वह मौके से नहीं हटेंगी. उन्होंने जरूरत पड़ने पर धरने पर बैठने की भी चेतावनी दी.
टैंकर से निकाला गया पानी, लेकिन समस्या बरकरार
महापौर के हस्तक्षेप के बाद नगर निगम की ओर से टैंकर लगाकर जल निकासी का काम शुरू कराया गया, जिससे कुछ देर बाद यातायात बहाल हो सका. हालांकि सड़क पर बने गड्ढे और जलजमाव की समस्या अभी भी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है. स्थानीय लोगों का कहना है कि स्थायी समाधान नहीं होने तक हर बारिश में यही हाल रहेगा.
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