Saharsa Rain: करीब दस दिनों से भीषण गर्मी और उमस से परेशान सहरसा के लोगों को रविवार की दोपहर मौसम ने बड़ी राहत दी. करीब एक घंटे तक हुई तेज झमाझम बारिश से तापमान गिरा और मौसम सुहाना हो गया. लोग गर्मी से राहत महसूस कर ही रहे थे कि बारिश का दूसरा असर शहर की सड़कों पर दिखाई देने लगा.
तेज बारिश के बाद शहर के कई इलाकों में घुटने तक पानी जमा हो गया. मुख्य सड़कों से लेकर गली-मोहल्लों तक जलजमाव की स्थिति बन गयी. गांधी पथ, मीर टोला मुख्य सड़क, समाहरणालय के बाहर, दहलान चौक और हटिया गाछी मुख्य सड़क समेत कई जगह लोगों को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ा.
एक तरफ बारिश किसानों के लिए राहत लेकर आयी, तो दूसरी तरफ शहर में जलनिकासी की व्यवस्था पर सवाल खड़े कर गयी.
धूप के बाद अचानक बदला मौसम
रविवार की सुबह सहरसा में तेज धूप खिली थी. दोपहर बाद अचानक मौसम बदला और आसमान में बादल छाने लगे. इसके कुछ ही देर बाद तेज बारिश शुरू हो गयी.
बारिश करीब एक घंटे तक होती रही. पानी गिरने की रफ्तार इतनी तेज थी कि शहर की सड़कों पर देखते ही देखते पानी जमा होने लगा.
पिछले कई दिनों से गर्मी और उमस झेल रहे लोगों के लिए बारिश किसी राहत से कम नहीं थी. तापमान में गिरावट आने के बाद मौसम ठंडा हुआ और लोगों ने राहत की सांस ली.
गांधी पथ से लेकर कई इलाकों में जलजमाव
बारिश थमने के बाद शहर के कई हिस्सों में जलजमाव की समस्या गंभीर हो गयी. गांधी पथ सहित कई निचले इलाकों में सड़क पर घुटने तक पानी जमा हो गया.
मीर टोला मुख्य सड़क, समाहरणालय परिसर के बाहर, दहलान चौक और हटिया गाछी मुख्य सड़क पर भी पानी जमा होने से आवागमन प्रभावित हुआ.
पैदल चलने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी हुई. दोपहिया वाहन चालकों को भी पानी के बीच से गुजरना पड़ा. कई जगह सड़क और नाला एक जैसी स्थिति में नजर आये.
घर और दुकानों के आसपास भी पहुंचा पानी
शहर के निचले इलाकों में जलजमाव का असर केवल सड़कों तक सीमित नहीं रहा. कई घरों और दुकानों के आसपास भी पानी जमा हो गया.
स्थानीय लोगों का कहना है कि तेज बारिश के दौरान पानी निकलने में काफी समय लग जाता है. रविवार को भी बारिश रुकने के बाद लंबे समय तक कई सड़कों पर पानी जमा रहा.
लोगों के अनुसार यदि थोड़ी और देर तक बारिश होती तो स्थिति और गंभीर हो सकती थी.
हर साल बारिश में सामने आती है यही समस्या
जलजमाव को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी भी है. उनका कहना है कि बारिश के मौसम में हर साल शहर के कई इलाकों में यही स्थिति बनती है.
लोगों का कहना है कि केवल बारिश से पहले नालों की सफाई कराने से समस्या का स्थायी समाधान नहीं होगा. शहर की जलनिकासी व्यवस्था को व्यवस्थित करने की जरूरत है.
स्थानीय लोगों ने नालों की नियमित सफाई, जलनिकासी की क्षमता बढ़ाने और निचले इलाकों में पानी निकासी की स्थायी व्यवस्था करने की मांग की है.
धान के खेतों के लिए बारिश बनी राहत
शहर में जलजमाव से परेशानी हुई, लेकिन ग्रामीण इलाकों में इस बारिश को किसानों ने राहत के तौर पर देखा.
लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के लिए रविवार की बारिश महत्वपूर्ण मानी जा रही है. इस समय धान की फसल को पानी की जरूरत है. बारिश से खेतों में नमी बढ़ने की उम्मीद है.
किसानों का कहना है कि बारिश अच्छी होने से धान की सिंचाई पर होने वाला खर्च कम हो सकता है. अगर आने वाले दिनों में भी समय-समय पर अच्छी बारिश होती रही तो धान की फसल के लिए यह काफी फायदेमंद साबित होगी.
Saharsa Rain: राहत के साथ प्रशासन के लिए चुनौती भी
रविवार की बारिश ने सहरसा को दो तस्वीरें दिखायीं. खेतों के लिए बारिश राहत बनी, जबकि शहर में जलजमाव ने नगर की जलनिकासी व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिये.
अब चुनौती यह है कि बारिश के बाद जमा पानी को कितनी जल्दी निकाला जाता है और आने वाले दिनों में ऐसी स्थिति से निपटने के लिए प्रशासन क्या कदम उठाता है.
स्थानीय लोगों की मांग है कि समस्या का समाधान बारिश के समय अस्थायी कार्रवाई तक सीमित न रहे. शहर के नालों और जलनिकासी व्यवस्था की स्थायी योजना बनाकर काम किया जाये, ताकि अगली तेज बारिश लोगों के लिए राहत के साथ आफत न बन जाये.
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