Saharsa CPI Delhi Rally: महंगाई, किसानों-मजदूरों की समस्याओं और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी ने दिल्ली की बदलाव रैली के लिए सहरसा में तैयारी तेज कर दी है. पार्टी का दावा है कि 1 सितंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में होने वाली रैली में सहरसा जिले से हजारों किसान, मजदूर, छात्र और नौजवान शामिल होंगे.
रविवार को गांधी पथ स्थित पार्टी कार्यालय में भाकपा जिला कार्यकारिणी की बैठक हुई. इसमें रैली की तैयारियों के साथ केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों और आम लोगों से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की गयी. नेताओं ने कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक लोगों को रैली से जोड़ने का आह्वान किया.
महंगाई ने बिगाड़ा आम परिवारों का बजट
बैठक को संबोधित करते हुए भाकपा के राष्ट्रीय परिषद सदस्य कामरेड ओमप्रकाश नारायण ने कहा कि लगातार बढ़ रही महंगाई ने आम नागरिकों के सामने मुश्किलें बढ़ा दी हैं.
उन्होंने दावा किया कि दैनिक उपयोग की खाद्य सामग्री, रसोई गैस, चावल, दाल, सब्जियां, मसाले, अंडा, चिकेन, मूंगफली, ड्राई फ्रूट्स और चाय जैसी जरूरी वस्तुओं की कीमतों में बढ़ोतरी से गरीब और निम्न आय वर्ग के परिवारों का घरेलू बजट प्रभावित हुआ है.
उन्होंने कहा कि महंगाई का सीधा असर रसोई से लेकर परिवार के रोजमर्रा के खर्च तक दिखाई दे रहा है. ऐसे में आम लोगों के सवालों को लेकर आंदोलन जरूरी है.
पेट्रोल-डीजल और गैस की कीमतों पर सरकार को घेरा
ओमप्रकाश नारायण ने केंद्र सरकार की आर्थिक नीतियों पर भी सवाल उठाये. उन्होंने कहा कि चीनी की बढ़ती कीमत आम लोगों की परेशानी बढ़ा रही है, जबकि प्याज की कीमतें लोगों के लिए चिंता का कारण बनी हुई हैं.
उन्होंने पेट्रोल में इथेनॉल मिश्रण की नीति पर भी सवाल उठाया. उनका कहना था कि गन्ना, चावल और मक्का से बड़े पैमाने पर इथेनॉल तैयार किया जा रहा है. इससे खाद्यान्न की उपलब्धता प्रभावित होने और भविष्य में खाद्य संकट की आशंका है.
उन्होंने 2014 और वर्तमान समय में कच्चे तेल की अंतरराष्ट्रीय कीमतों की तुलना करते हुए पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस की कीमतों को लेकर भी केंद्र सरकार पर निशाना साधा.
पेपर लीक से युवाओं का भविष्य प्रभावित : भाकपा
बैठक में प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं का मुद्दा भी उठाया गया. भाकपा नेता ने आरोप लगाया कि लगातार पेपर लीक होने से छात्रों और युवाओं के भविष्य पर असर पड़ रहा है.
उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक पर रोक लगाने के लिए प्रभावी कदम उठाने की मांग की. साथ ही किसानों और मजदूरों के अधिकारों की सुरक्षा तथा गंगा-जमुनी तहजीब की रक्षा को लेकर व्यापक आंदोलन की जरूरत बतायी.
दिल्ली रैली के लिए सहरसा में शुरू हुई तैयारी
जिला कार्यकारिणी की बैठक में 1 सितंबर की दिल्ली रैली को लेकर संगठन की तैयारियों की समीक्षा की गयी. पार्टी ने जिले के विभिन्न क्षेत्रों से किसान, मजदूर, छात्र और युवाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है.
भाकपा नेताओं ने कार्यकर्ताओं से आम लोगों के बीच जाकर रैली के मुद्दों को पहुंचाने और अधिक से अधिक लोगों को दिल्ली पहुंचाने की अपील की.
पार्टी का कहना है कि रैली के माध्यम से महंगाई, रोजगार, किसानों-मजदूरों के अधिकार और युवाओं से जुड़े मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाया जायेगा.
Saharsa CPI Delhi Rally: जिला सचिव ने पेश किया कार्य प्रतिवेदन
बैठक में जिला सचिव परमानंद ठाकुर ने कार्य प्रतिवेदन प्रस्तुत किया. उन्होंने दिल्ली रैली की तैयारियों और संगठन की गतिविधियों की जानकारी दी.
इस अवसर पर सहायक जिला सचिव कुमार पप्पू, उमेश पोद्दार, शंकर कुमार, भवेश यादव, प्रभु लाल दास, उमेश चौधरी, बिंदेश्वरी साहनी, राजा भगत, सुरेंद्र कुमार, हरे राम यादव सहित अन्य पार्टी नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे.
अब 1 सितंबर की रैली को लेकर सहरसा में पार्टी की गतिविधियां और तेज होने की उम्मीद है. जिले से कितनी वास्तविक संख्या में किसान-मजदूर, छात्र और नौजवान दिल्ली पहुंचते हैं, यह रैली के दिन स्पष्ट होगा.
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