AI और साइबर सुरक्षा में दक्ष बनेंगे सहरसा इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्र, नौकरी व रोजगार के बढ़ेंगे अवसर

Skill Developmen : सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में छात्रों के तकनीकी कौशल को बढ़ाने के लिए एक बड़ी पहल की गई है. स्मार्ट ब्रिज के साथ हुए समझौते के तहत AI, मशीन लर्निंग, डेटा साइंस, क्लाउड कंप्यूटिंग और साइबर सुरक्षा जैसे उभरते क्षेत्रों में प्रशिक्षण मिलेगा. यह साझेदारी छात्रों को इंडस्ट्री की जरूरतों के अनुसार तैयार करने और उनके करियर को नई दिशा देने में सहायक होगी.

Skill Developmen : विद्यार्थियों के तकनीकी कौशल और रोजगारपरक क्षमता को बढ़ाने की दिशा में सोमवार को सहरसा कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग में महत्वपूर्ण पहल की गयी. महाविद्यालय और स्मार्ट ब्रिज एजुकेशनल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड के बीच कौशल विकास, इंटर्नशिप और उद्योग-अकादमिक सहयोग को मजबूत करने के लिए समझौता ज्ञापन यानी MoU पर हस्ताक्षर किया गया. इस साझेदारी के तहत विद्यार्थियों को तेजी से बदलती तकनीकी दुनिया की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट आधारित सीखने और Industry Exposure का अवसर मिलेगा.

AI से Cyber Security तक मिलेगी ट्रेनिंग

MoU के तहत विद्यार्थियों को Artificial Intelligence, Machine Learning, Data Science एवं Analytics, Cloud Computing, Cyber Security, Web Development और Mobile Application Development जैसी उभरती तकनीकों में प्रशिक्षण दिया जाएगा.

इससे विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान तक सीमित रहने के बजाय नई तकनीकों को व्यावहारिक रूप से समझने और उनका इस्तेमाल करने का अवसर मिलेगा. प्रशिक्षण का फोकस Industry Requirements के अनुरूप विद्यार्थियों को तैयार करने पर रहेगा.

Internship और Hackathon से मिलेगा Practical Experience

विद्यार्थियों को Project Based Activities, Virtual Internship, Workshop और Hackathon में भाग लेने का अवसर भी मिलेगा. इसके जरिए छात्र वास्तविक औद्योगिक समस्याओं को समझ सकेंगे और उनके समाधान पर काम करने का व्यावहारिक अनुभव हासिल करेंगे.

स्मार्ट ब्रिज के SkillValet Platform के माध्यम से विद्यार्थियों को Learning Programs, तकनीकी अध्ययन सामग्री, प्रोजेक्ट आधारित गतिविधियां और विशेषज्ञ मार्गदर्शन उपलब्ध कराया जाएगा. प्रशिक्षण पूरा करने वाले पात्र विद्यार्थियों को प्रमाण-पत्र भी प्रदान किया जाएगा.

शिक्षकों को भी Industry Based Training

MoU का लाभ केवल विद्यार्थियों तक सीमित नहीं रहेगा. इसके तहत शिक्षकों के लिए Faculty Development Program भी आयोजित किए जाएंगे. आधुनिक तकनीकों के साथ Industry Based Teaching Method और Hands-on Training पर जोर दिया जाएगा.

इससे शिक्षक विद्यार्थियों के प्रोजेक्ट और इंटर्नशिप में बेहतर तरीके से मार्गदर्शन कर सकेंगे. Hackathon जैसी गतिविधियों से छात्रों में Innovation, Problem Solving, Teamwork और Technical Presentation Skills विकसित करने पर भी जोर दिया जाएगा.

प्राचार्य बोले- सिर्फ किताबी ज्ञान अब पर्याप्त नहीं

प्राचार्य प्रो. डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने कहा कि वर्तमान समय में केवल सैद्धांतिक ज्ञान पर्याप्त नहीं है. विद्यार्थियों को उद्योग की जरूरतों के अनुरूप व्यावहारिक और तकनीकी कौशल से लैस करना जरूरी है. स्मार्ट ब्रिज के साथ साझेदारी विद्यार्थियों को नई तकनीकों में प्रशिक्षण, प्रोजेक्ट अनुभव और Industry Exposure देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी.

प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट पदाधिकारी पूनम कुमारी ने कहा कि MoU के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रशिक्षण और इंटर्नशिप के विभिन्न अवसरों से जोड़कर उनकी Career Readiness मजबूत की जाएगी.

सहायक प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट पदाधिकारी डॉ. नागमणि आलोक ने कहा कि Industry Oriented Learning से विद्यार्थियों को तकनीकी ज्ञान को वास्तविक प्रोजेक्ट में लागू करने का अवसर मिलेगा. आने वाले दिनों में Workshop, Internship, Faculty Development Program और Hackathon जैसी गतिविधियां आयोजित की जाएंगी.

इस अवसर पर प्राचार्य प्रो. डॉ. रामचंद्र प्रसाद, प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट पदाधिकारी पूनम कुमारी, सहायक प्रशिक्षण एवं प्लेसमेंट पदाधिकारी डॉ. नागमणि आलोक, एकेडमिक इंचार्ज मनीष कुमार सहित महाविद्यालय के शिक्षक, पदाधिकारी और कर्मी मौजूद रहे.


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By Vinay Kumar Mishra

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