कराह रही सड़कें, हर ओर जाम से त्रहिमाम

जिला मुख्यालय इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं

प्रमुख चौक-चौराहों पर दिन भर लग रही हैं वाहनों की लंबी कतारें

सहरसा. जिला मुख्यालय इन दिनों भीषण जाम की समस्या से जूझ रहा है. शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर दिनभर वाहनों की लंबी कतारें लग रही हैं, जिससे आमजन का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो रहा है. ओवरब्रिज निर्माण कार्य को लेकर डीबी रोड, शंकर चौक, दहलान चौक, बंगाली बाजार, प्रशांत रोड और पूरब बाजार के कुछ हिस्सों को बंद कर दिया गया है. इन सड़कों के बंद होने से आवागमन का पूरा दबाव वैकल्पिक मार्गों पर आ गया है, जिसके कारण शहर के लगभग सभी मुख्य चौक-चौराहे जाम की गिरफ्त में हैं. स्थिति यह है कि वैकल्पिक रास्तों से होकर चौक-चौराहों तक पहुंचना लोगों के लिए बड़ी चुनौती बन गयी है. वाहनों का अत्यधिक दबाव, संकरी सड़कें और अव्यवस्थित ट्रैफिक व्यवस्था के कारण लोगों को घर से दफ्तर, बाजार या अन्य जरूरी कामों के लिए निकलने में पसीना छूट रहा है.

वैकल्पिक रास्तों से होकर चौक-चौराहों तक पहुंचना लोगों के लिए बनी बड़ी चुनौती

जाम में फंसे लोग समय पर अपने गंतव्य तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उन्हें मानसिक और शारीरिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. वर्तमान में आवागमन के लिए जो वैकल्पिक रूट उपयोग में लाए जा रहे हैं, उनमें थाना चौक से वीर कुंवर सिंह चौक होते हुए गांधी पथ, गांधी पथ से दहलान चौक व मीर टोला जाने वाली सड़क, दहलान चौक से महावीर चौक होते हुए रिफ्यूजी कॉलोनी स्थित सुभाष चौक, महावीर चौक से चांदनी चौक व रेलवे स्टेशन जाने वाली सड़क, सुभाष चौक से कहरा कुटी और ब्लॉक रोड जाने वाला मार्ग एवं नया बाजार से सराही होते हुए सुभाष चौक जाने वाली सड़क प्रमुख हैं. इन सभी मार्गों पर दिनभर भारी जाम की स्थिति बनी रहती है. यही स्थिति सोमवार को भी देखने को मिली. हालात इतने खराब हैं कि इन सड़कों में से किसी एक को पार करने में लोगों को कम से कम आधा घंटा से लेकर एक घंटे तक का समय लग रहा है. कॉलेज और विद्यालय की छुट्टी के समय सड़कों पर वाहनों का दबाव अचानक बढ़ जाता है. छोटे-छोटे बच्चे, जो स्कूल बस या वैन से घर लौटते हैं, उन्हें सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ रही है.

ट्रैफिक पुलिस की है कमी

जाम की समस्या को और गंभीर बना रहा है ट्रैफिक पुलिस की भारी कमी. सुभाष चौक जैसे व्यस्त इलाके में महज एक ट्रैफिक पुलिसकर्मी की तैनाती देखी गयी, जबकि वीर कुंवर सिंह चौक, गांधी पथ, दहलान चौक, चांदनी चौक और नया बाजार जैसे अति व्यस्त क्षेत्रों में एक भी ट्रैफिक पुलिस या जिला पुलिस का जवान मौजूद नहीं दिखा. पुलिस की गैरमौजूदगी में वाहन चालक मनमानी करते नजर आते हैं, जिससे जाम और अधिक विकराल हो जाता है. जाम की इस विकराल होती स्थिति से निबटने के लिए जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन और नगर प्रशासन से मिलकर तत्काल प्रभाव से बेहतर ट्रैफिक रूटचार्ट तैयार करने की जरूरत है. वहीं वैकल्पिक मार्गों को सुव्यवस्थित करने, संवेदनशील चौक-चौराहों पर अतिरिक्त ट्रैफिक पुलिस की तैनाती और अस्थायी संकेतक लगाने की भी जरूरत है. जिस तरह लोगों की बहुप्रतीक्षित मांग ओवरब्रिज का निर्माण कार्य जरूरी है, वहीं उसके साथ-साथ शहरवासियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जाना चाहिए. यदि प्रशासन आपसी समन्वय के साथ योजना बनाकर ट्रैफिक व्यवस्था को नियंत्रित करे, तो जाम से काफी हद तक राहत मिल सकती है.

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By Dipankar Shriwastaw

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