Raksha Bandhan 2026: सहरसा में राखी सिर्फ कलाई पर बांधा जाने वाला धागा नहीं, बल्कि भरोसे, स्नेह और एक-दूसरे की सुरक्षा का प्रतीक है. रक्षाबंधन से पहले सहरसा पब्लिक स्कूल में बच्चों ने इसी भावना को अपनी रचनात्मकता के जरिए सामने रखा. रंग-बिरंगी राखियों की श्रृंखला बनाकर बच्चों ने स्कूल परिसर को आकर्षक बनाया और भाई-बहन के रिश्ते में छिपे प्रेम का संदेश दिया.
स्थानीय हटिया गाछी स्थित सहरसा पब्लिक स्कूल में गुरुवार को रक्षा बंधन के अवसर पर राखी एक्टिविटीज का आयोजन किया गया. गतिविधि में बच्चों ने उत्साहपूर्वक हिस्सा लिया और अपनी कल्पना व कलात्मक प्रतिभा से राखियों की आकर्षक श्रृंखला तैयार की.
राखियों की श्रृंखला ने खींचा ध्यान
बच्चों ने अलग-अलग रंगों और डिजाइन की राखियों को एक श्रृंखला के रूप में सजाया. इस रचनात्मक गतिविधि के माध्यम से उन्हें रक्षाबंधन के सांस्कृतिक और भावनात्मक महत्व को समझने का अवसर मिला.
बच्चों की बनाई राखियों में उनकी कल्पनाशीलता और उत्साह साफ नजर आया. स्कूल में आयोजित यह गतिविधि पढ़ाई से अलग बच्चों को अपनी रचनात्मक क्षमता दिखाने का अवसर भी दे रही थी.
छात्राओं ने सहपाठियों की कलाई पर बांधी राखी
कार्यक्रम के दौरान छात्राओं ने छात्रों की कलाई पर राखी बांधी. इसके बाद बच्चों ने एक-दूसरे को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं.
राखी बांधने के दौरान विद्यालय परिसर में उत्साह और उल्लास का माहौल रहा. बच्चों ने इस मौके पर भाई-बहन के रिश्ते के साथ आपसी स्नेह, सहयोग और सम्मान की भावना को भी महसूस किया.
बच्चों ने जाना पर्व का भावनात्मक महत्व
विद्यालय की इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों को केवल राखी बनाने तक सीमित रखना नहीं था. इसके माध्यम से उन्हें यह समझाने का प्रयास किया गया कि रक्षाबंधन रिश्तों में विश्वास और जिम्मेदारी की भावना को मजबूत करने वाला पर्व है.
बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने गतिविधि को जीवंत बना दिया. कई बच्चों ने अपनी तैयार की गयी राखियों के जरिये पारंपरिक पर्व को रचनात्मक रूप देने की कोशिश की.
‘रक्षा बंधन प्रेम और विश्वास का प्रतीक’
विद्यालय के प्राचार्य अवनीश कुमार वर्मा ने सभी बच्चों को रक्षाबंधन की शुभकामनाएं दीं. उन्होंने कहा कि रक्षा बंधन भाई-बहन के पवित्र प्रेम, अटूट विश्वास और एक-दूसरे की सुरक्षा के वचन का प्रतीक है.
उन्होंने कहा कि स्कूल में ऐसे आयोजन बच्चों को भारतीय संस्कृति और पारंपरिक पर्वों के बारे में समझ विकसित करने में मदद करते हैं. साथ ही बच्चों में आपसी स्नेह, सहयोग और भाईचारे की भावना भी मजबूत होती है.
Raksha Bandhan 2026: रचनात्मक गतिविधियों से सीखने का अवसर
कार्यक्रम का आयोजन शालू तोमर के नेतृत्व में किया गया. विद्यालय के शिक्षकों ने भी बच्चों का उत्साहवर्धन किया.
राखी गतिविधि में बच्चों की सक्रिय भागीदारी ने पूरे कार्यक्रम को उत्सव जैसा माहौल दिया. रंग-बिरंगी राखियों की श्रृंखला और सहपाठियों को राखी बांधते बच्चों ने रक्षाबंधन के संदेश को सहज और रचनात्मक तरीके से सामने रखा.
