सहरसा से अंजन आर्यन सिंह की रिपोर्ट.
सहरसा : सदर थाना क्षेत्र के भारतीय नगर स्थित रेड लाइट एरिया में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए कथित अनैतिक देह व्यापार के अड्डे पर छापेमारी की. टाउन थाना और एएचटीयू (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) की संयुक्त टीम ने अभियान चलाकर चार नाबालिग लड़कियों, 10 बालिग महिलाओं और चार पुरुषों सहित कुल 18 लोगों को हिरासत में लिया. पुलिस सभी से पूछताछ कर पूरे मामले की जांच में जुटी है.
गुप्त सूचना पर हुई संयुक्त कार्रवाई
साइबर डीएसपी कल्याण आनंद ने बताया कि भारतीय नगर इलाके में लंबे समय से कथित अनैतिक गतिविधियां संचालित होने की सूचनाएं मिल रही थीं. सूचना के सत्यापन के बाद संयुक्त टीम ने योजनाबद्ध तरीके से छापेमारी की. कार्रवाई के दौरान कई लोगों को संदिग्ध परिस्थितियों में हिरासत में लिया गया. पुलिस को आशंका है कि इसके पीछे एक संगठित गिरोह सक्रिय है, जिसके अन्य सदस्यों की पहचान की जा रही है.
सील तोड़कर दोबारा गतिविधियां संचालित होने की जांच
पुलिस के अनुसार, जांच के दौरान यह भी सामने आया कि प्रशासन द्वारा पूर्व में सील किए गए कुछ परिसरों में कथित तौर पर सील तोड़कर फिर से गतिविधियां शुरू कर दी गई थीं. डीएसपी ने कहा कि यह गंभीर मामला है और यह पता लगाया जा रहा है कि सील किसके इशारे पर और किन लोगों ने तोड़ी. दोषी पाए जाने पर मकान मालिकों, संचालकों और अन्य संबंधित लोगों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी.
हिरासत में लिया गया व्यक्ति थाने से फरार
छापेमारी के दौरान पुलिस ने 'मास्टर' नाम से चर्चित एक व्यक्ति को भी हिरासत में लिया था. पुलिस के अनुसार, पूछताछ के लिए थाना लाए जाने के बाद वह पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया. उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है. साथ ही फरारी की परिस्थितियों की भी जांच शुरू कर दी गई है.
पहले भी हो चुकी है कार्रवाई
भारतीय नगर क्षेत्र में इससे पहले भी पुलिस द्वारा कार्रवाई कर कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था और संबंधित परिसरों को सील किया गया था. इस मामले में कई संचालकों के विरुद्ध प्राथमिकी भी दर्ज की गई थी. अब दोबारा कथित गतिविधियां संचालित होने की बात सामने आने के बाद पूरे नेटवर्क की फिर से जांच की जा रही है.
पहचान और नेटवर्क की जांच जारी
पुलिस हिरासत में ली गई महिलाओं और लड़कियों के दस्तावेजों का सत्यापन कर रही है. जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि वे स्थानीय हैं या अन्य जिलों अथवा राज्यों से लाई गई थीं. पुलिस का कहना है कि साक्ष्यों के आधार पर पूरे नेटवर्क, कथित बिचौलियों और अन्य संलिप्त लोगों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई की जाएगी.
