सहरसा से वशिष्ठ कुमार सिंह की रिपोर्ट: देश की पहली पूर्णतः डिजिटल जनगणना-2027 के प्रथम चरण—मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना—में सलखुआ प्रखंड ने एक बड़ी और उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है. निर्धारित समय सीमा से पहले ही शत-प्रतिशत कार्य पूरा करने वाले प्रगणकों, पर्यवेक्षकों और प्रशासनिक अधिकारियों को प्रखंड स्तर पर सम्मानित किया गया है, जिससे कर्मियों में उत्साह का माहौल है.
डिजिटल टूल्स के दम पर समय से पहले पूरा हुआ काम
जानकारी के अनुसार, मकान सूचीकरण का कार्य 2 मई 2026 से 31 मई 2026 तक निर्धारित था. लेकिन सलखुआ प्रखंड में तैनात 25 पर्यवेक्षकों और प्रगणकों की टीम ने मोबाइल और डिजिटल टूल्स का प्रभावी उपयोग करते हुए अपने-अपने क्षेत्रों में 100 प्रतिशत घरों का सर्वेक्षण तय समय से काफी पहले ही पूरा कर लिया. यह उपलब्धि प्रशासनिक दक्षता और डिजिटल प्रणाली के सफल क्रियान्वयन को दर्शाती है.
उत्कृष्ट कार्य करने वाले प्रगणक और पर्यवेक्षक हुए सम्मानित
प्रखंड विकास पदाधिकारी ने जिला प्रशासन के निर्देशानुसार उत्कृष्ट कार्य करने वाले कर्मियों को प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया. इस अभियान में बेहतरीन नेतृत्व के लिए पर्यवेक्षक मनोज कुमार और विजय कुमार सहित अन्य पर्यवेक्षकों की भूमिका सराहनीय रही.
वहीं अग्रिम पंक्ति में रहकर डेटा एकत्र करने वाले प्रगणकों में निम्नलिखित कर्मियों को उनकी प्रतिबद्धता के लिए विशेष रूप से सराहा गया:
- अशोक कुमार, प्रभात कुमार, प्रभाकर, प्रशांत कुमार.
- मो. अर्श नवाज, सरोज सौरख, अहिया याजमी, मिथलेश कुमार.
- विमल, अमरेश कुमार और मनोज कुमार.
शिक्षकों और अधिकारियों की रही गरिमामयी उपस्थिति
सम्मान समारोह के दौरान प्रखंड स्तर पर प्रतिनियुक्त शिक्षक राजीव रंजन सरोज, राजीव रंजन, अशोक कुमार सिंह, दिनेश सिंह, राजेश भारती और गौतम प्रकाश मुख्य रूप से उपस्थित रहे. प्रशासनिक अधिकारियों ने टीम की सराहना करते हुए कहा कि यह डिजिटल जनगणना भविष्य की योजनाओं और विकास कार्यों की मजबूत नींव तैयार करेगी. समय से पहले काम खत्म करना पूरी टीम के समर्पण का परिणाम है.
