Saharsa Engineering College: सहरसा. बिहार सरकार के विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग के निर्देश पर बुधवार को सहरसा अभियंत्रण महाविद्यालय में प्रथम वर्ष के नवप्रवेशित विद्यार्थियों के लिए मानसिक स्वास्थ्य जागरूकता, तनाव प्रबंधन, परीक्षा संबंधी चिंता, नशामुक्ति एवं व्यक्तित्व विकास विषय पर विशेष ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम का उद्घाटन महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. डॉ. आरसी प्रसाद ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया.
प्राचार्य ने सकारात्मक सोच और अनुशासन पर दिया जोर
स्वागत उद्बोधन में प्राचार्य प्रो. डॉ. आरसी प्रसाद ने विद्यार्थियों से सकारात्मक सोच, अनुशासित जीवनशैली, नियमित अध्ययन तथा मानसिक और शारीरिक स्वास्थ्य के प्रति सजग रहने का आह्वान किया. उन्होंने कहा कि तकनीकी शिक्षा के साथ जीवन कौशल और नैतिक मूल्यों का विकास भी विद्यार्थियों के सर्वांगीण व्यक्तित्व निर्माण के लिए अत्यंत आवश्यक है.
मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर विशेषज्ञों ने दी जानकारी
कार्यक्रम में ब्रह्माकुमारी संस्था से पहुंचे बीके रवि एवं बीके पूनम ने संसाधन व्यक्तियों के रूप में विद्यार्थियों को मानसिक स्वास्थ्य, तनाव प्रबंधन, ध्यान, सकारात्मक चिंतन, परीक्षा के तनाव से मुक्ति, नशामुक्त जीवन, आत्मविश्वास और व्यक्तित्व विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन दिया. उन्होंने विद्यार्थियों को नियमित राजयोग मेडिटेशन अपनाने और सकारात्मक जीवनशैली विकसित करने की सलाह दी.
इंडक्शन कार्यक्रम की रूपरेखा से कराया परिचय
एसआईपी समन्वयक प्रो. कृष्णा कुमार ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों का स्वागत करते हुए इंडक्शन कार्यक्रम की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की. उन्होंने महाविद्यालय की शैक्षणिक एवं सह-पाठ्यक्रम गतिविधियों की जानकारी देते हुए विद्यार्थियों से संस्थान के नियमों का पालन करने और अपनी प्रतिभा को विभिन्न क्षेत्रों में विकसित करने का आग्रह किया.
विद्यार्थियों ने पूछे सवाल, मिला मार्गदर्शन
Saharsa Engineering College: कार्यक्रम में महाविद्यालय के सभी विभागाध्यक्ष, संकाय सदस्य, शिक्षकेत्तर कर्मचारी एवं प्रथम वर्ष के विद्यार्थी मौजूद रहे. इस दौरान विद्यार्थियों ने विशेषज्ञों से मानसिक स्वास्थ्य एवं व्यक्तित्व विकास से जुड़े कई प्रश्न पूछे और उपयोगी सुझाव प्राप्त किए. अंत में अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना के साथ कार्यक्रम का समापन किया गया.
