Sonbarsaraj News: सोनवर्षाराज में सड़क चौड़ीकरण का काम इलाके में विकास की उम्मीद लेकर आया है, लेकिन एनएच-107 के किनारे रहने वाले किसानों के लिए यही काम अब परेशानी का कारण बनता दिख रहा है. सड़क निर्माण में इस्तेमाल किया जा रहा फ्लाईऐश बारिश के पानी के साथ बहकर खेतों तक पहुंच रहा है. कई खेतों में इसकी मोटी परत जम गयी है और खड़ी फसलों को नुकसान पहुंचने की बात किसान कह रहे हैं.
मनौरी चौक के पास लिंक सड़क के दोनों तरफ खेतों की स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है. बारिश के बाद खेतों में पहुंचा फ्लाईऐश अब सिर्फ फसल के लिए परेशानी नहीं है, बल्कि किसान आने वाले समय में जमीन की उर्वरता को लेकर भी आशंकित हैं.
बारिश हुई तो सड़क का फ्लाईऐश पहुंच गया खेतों तक
एनएच-107 के विस्तारीकरण कार्य के दौरान सड़क निर्माण में फ्लाईऐश का इस्तेमाल किया जा रहा है. बारिश के दौरान सड़क किनारे जमा फ्लाईऐश पानी के साथ बहकर आसपास के खेतों में पहुंच रहा है. खेतों में राख जैसी यह सामग्री जमा होने से फसल प्रभावित हो रही है.
मनौरी चौक स्थित लिंक सड़क के दोनों तरफ के खेत इस समस्या से सबसे ज्यादा प्रभावित बताए जा रहे हैं. किसानों के अनुसार कई जगहों पर फ्लाईऐश की इतनी मात्रा जमा हो गयी है कि खेत की ऊपरी सतह पर इसकी मोटी परत दिखाई दे रही है.
एक-दो फीट तक जमा हो गया फ्लाईऐश
लिंक सड़क के किनारे स्थित एक रैयत अपने खेत में जमा फ्लाईऐश को कुदाल से हटाता दिखाई दिया. किसान के मुताबिक उसके खेत में करीब एक से दो फीट तक फ्लाईऐश जमा हो गया है. इससे खेत में लगी फसल को काफी नुकसान हुआ है.
किसान के सामने समस्या सिर्फ फसल बचाने की नहीं है. खेत से फ्लाईऐश हटाने के लिए मजदूर लगाने होंगे और अतिरिक्त खर्च भी उठाना पड़ेगा. किसान का कहना है कि सड़क निर्माण की वजह से यदि मलबा खेत तक पहुंचा है, तो उसे हटाने की जिम्मेदारी भी संबंधित एजेंसी की होनी चाहिए.
खेत बचाने के लिए खुद हटाना भी आसान नहीं
किसान फ्लाईऐश हटाना चाहते हैं, लेकिन जमीन से संबंधित कानूनी अड़चन की आशंका भी उन्हें परेशान कर रही है. इसी वजह से कई किसान अपने स्तर से पूरी तरह फ्लाईऐश हटाने को लेकर हिचक रहे हैं.
किसानों की चिंता यह है कि अगर समय रहते खेतों से फ्लाईऐश नहीं हटाया गया और बारिश के साथ इसका फैलाव लगातार जारी रहा, तो खेती प्रभावित हो सकती है. इससे कृषि योग्य जमीन की उर्वरता पर असर पड़ने की आशंका भी बढ़ रही है.
सड़क जरूरी, लेकिन खेती की कीमत पर नहीं
किसानों का कहना है कि इलाके में सड़क का विस्तारीकरण जरूरी है और इससे आवागमन बेहतर होगा. लेकिन विकास कार्य के दौरान आसपास की कृषि भूमि को नुकसान नहीं पहुंचना चाहिए.
किसानों की मांग है कि निर्माण एजेंसी खेतों में जमा फ्लाईऐश को तत्काल हटाये और सड़क निर्माण के दौरान ऐसी व्यवस्था करे कि बारिश का पानी फ्लाईऐश को बहाकर खेतों तक नहीं ले जा सके.
निर्माण एजेंसी ने दिया जल्द कार्रवाई का भरोसा
मामले में पेटी कांट्रेक्टर के एडमिनिस्ट्रेशन ऑफिसर ने बताया कि खेतों में जमा फ्लाईऐश को जल्द ही हटवा दिया जाएगा. उन्होंने किसानों की समस्या को देखते हुए आवश्यक कार्रवाई करने की बात कही है.
अब किसानों की नजर इस बात पर है कि खेतों में जमा फ्लाईऐश कब हटाया जाता है और भविष्य में इसके फैलाव को रोकने के लिए निर्माण एजेंसी क्या व्यवस्था करती है. किसानों का कहना है कि सिर्फ फ्लाईऐश हटाना पर्याप्त नहीं होगा. बारिश के दौरान दोबारा खेतों में राख जैसी यह सामग्री नहीं पहुंचे, इसके लिए भी स्थायी इंतजाम जरूरी है.
फिलहाल मनौरी चौक के आसपास के किसानों के लिए सड़क निर्माण के साथ एक नया सवाल खड़ा हो गया है. विकास की इस परियोजना से सड़क तो बेहतर होगी, लेकिन खेतों की मिट्टी और फसल सुरक्षित कैसे रहेगी, इसका जवाब अब निर्माण एजेंसी और संबंधित जिम्मेदार अधिकारियों को देना होगा.
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