नेताजी थे पराक्रमी, तेजस्वी, अद्भुत व अद्वितीय क्रांतिवीरः डॉ आलोक रंजन

नेताजी थे पराक्रमी, तेजस्वी, अद्भुत व अद्वितीय क्रांतिवीरः डॉ आलोक रंजन

नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती श्रद्धा के साथ धुमधाम मनाई गयी सहरसा . नेताजी सुभाष चंद्र बोस की 129वीं जयंती के अवसर पर शुक्रवार को नेताजी सुभाष चौक पर नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचार मंच द्वारा भव्य श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचार मंच के संयोजक मनीष कुमार एवं संचालन मनोज यादव ने किया. मौजूद अतिथियों व नागरिकों ने नेताजी की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया. कार्यक्रम को संबोधित करते मुख्य अतिथि बिहार सरकार के पूर्व मंत्री एवं पूर्व विधायक डॉ आलोक रंजन ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस पराक्रमी, तेजस्वी, अद्भुत एवं अद्वितीय क्रांतिवीर थे. उन्होंने विदेशी धरती पर आज़ाद हिंद फौज की स्थापना कर ब्रिटिश हुकूमत को कड़ी चुनौती दी. नेताजी महात्मा गांधी को सम्मानपूर्वक महात्मा कहते थे. वहीं महात्मा गांधी ने ही सर्वप्रथम सुभाष चंद्र बोस को नेताजी की उपाधि दी. आज के युवाओं को नेताजी के विचारों को आत्मसात कर उनके बताए मार्ग पर चलने की आवश्यकता है. उन्होंने कहा कि नेताजी सुभाष चौक पर तिरंगा पोस्ट लगाना सहरसा नगर निगम का कर्तव्य है व नेताजी के नाम से प्रस्तावित तिरंगा पोस्ट किसी अन्य स्थान पर नहीं लगाया जाना चाहिए. इस दिशा में नगर निगम के अधिकारियों से शीघ्र वार्ता की जाएगी. जिला परिषद उपाध्यक्ष धीरेंद्र यादव ने कहा कि नेताजी का संघर्ष एवं जीवन दर्शन आज भी प्रासंगिक है. गुलाम भारत में आईसीएस जैसी कठिन परीक्षा पास करना उनकी विलक्षण प्रतिभा को दर्शाता है. नेताजी जैसे व्यक्तित्व शताब्दियों में विरले ही जन्म लेते हैं. सोनवर्षा विधानसभा से पूर्व कांग्रेस प्रत्याशी सरिता पासवान ने कहा कि नेताजी सुभाष चंद्र बोस सदैव अनुकरणीय रहे हैं. उनके कार्य आज भी मील का पत्थर हैं. अखिल भारतीय कांग्रेस कमिटी के सदस्य केसर कुमार सिंह ने कहा कि नेताजी का पराक्रम एवं नेतृत्व क्षमता अद्वितीय थी. दो बार कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष के रूप में उन्होंने स्वतंत्रता आंदोलन को नयी दिशा दी. राजद के प्रदेश महासचिव धनिकलाल मुखिया ने कहा कि पिछले 14 वर्षों से इस कार्यक्रम को निरंतर आयोजित करने के लिए नेताजी सुभाष चंद्र बोस विचार मंच के कार्यकर्ता बधाई पात्र का है. जदयू चिकित्सा प्रकोष्ठ प्रदेश नेता रमण झा ने कहा कि यह विचार मंच हर वर्ष सहरसा के सभी दलों के लोगों को एक मंच पर लाकर दलगत भावना से ऊपर उठकर नेताजी को सच्ची श्रद्धांजलि देता है. जो समाज में एकजुटता का भाव पैदा करती है. चिल्ड्रन स्कूल एसोसिएशन के प्रांतीय नेता रामसुंदर साह ने कहा कि लगभग दो दशक पहले नेताजी सुभाष चौक की स्थापना के बावजूद दुकानदारों एवं प्रशासनिक स्तर पर इसका नाम अंकित नहीं होना दुर्भाग्यपूर्ण है. युवा कांग्रेस के प्रदेश महासचिव सुदीप कुमार सुमन ने कहा कि आज के समय में नेताजी शब्द अपमान का रूप लेता जा रहा है. महात्मा गांधी द्वारा सुभाष चंद्र बोस को नेताजी का उपाधि देना या साबित करता है की सुभाष चंद्र बोस पराक्रमी ही नहीं बल्कि एक नेतृत्व क्षमता वाले इंसान भी थे. श्रद्धांजलि सभा को महिला कांग्रेस की जिलाध्यक्ष प्रतिभा सिंह डोली, पूर्व वार्ड पार्षद मिथिलेश झा, भाकपा माले नेता कुंदन यादव, भाजपा मीडिया प्रभारी सुमित सिन्हा, अमर ज्योति जायसवाल, भाजपा नगर अध्यक्ष आशीष गुप्ता, सोनू रोटी बैंक के रोशन मिश्रा, पंकज कुमार, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि ताबीस मैहर, वार्ड पार्षद प्रतिनिधि दीपक यादव, राहुल कुमार झा, आशुतोष पाठक, कांग्रेस कल्याण जी, सुरेंद्र यादव, बौआ चौधरी सहित अन्य वक्ताओं ने भी संबोधित किया. कार्यक्रम में मनोज यादव, संजय सिंह माया, राजेश कुमार टुनटुन यादव, नीतीश यदुवंशी, पंडित नीलांबर झा, मुन्ना सिंह, सुनील स्वर्णकार, रामसूजन पासवान, आलोक सिंह, सोनू सिंह, शिवम झा सहित बड़ी संख्या में गणमान्य मौजूद थे.

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By Dipankar Shriwastaw

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