सहरसा प्रेक्षागृह में हिंदी दिवस पर कवि सम्मेलन: शंकर कैमूरी और विभा सिंह ने किया काव्य-पाठ, देखें कवियों की रचनाएं

सहरसा जिला प्रशासन और नगर निगम ने हिंदी दिवस के अवसर पर एक शानदार अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया. देशभर के जाने-माने कवियों ने ओजस्वी, हास्य-व्यंग्य और देशभक्ति से ओत-प्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

हिंदी दिवस के उपलक्ष्य में सहरसा जिला प्रशासन एवं नगर निगम के संयुक्त तत्वावधान में शहर के प्रेक्षागृह में सोमवार देर संध्या एक भव्य अखिल भारतीय कवि सम्मेलन का आयोजन किया गया. कार्यक्रम का मूल उद्देश्य हिंदी भाषा, साहित्य और समृद्ध सांस्कृतिक विरासत के प्रति सम्मान जगाने के साथ-साथ नई पीढ़ी को अपनी मातृभाषा से भावनात्मक रूप से जोड़ना था.

देर रात तक चले इस साहित्यिक महाकुंभ में देश और प्रदेश के ख्यातिलब्ध कवियों ने ओजस्वी राष्ट्रप्रेम, तीखे हास्य-व्यंग्य, सामाजिक सरोकारों और मानवीय संवेदनाओं से ओतप्रोत रचनाएं प्रस्तुत कर प्रेक्षागृह में मौजूद श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया.

ओज और हास्य-व्यंग्य की रचनाओं से तालियों से गूंजा सभागार

मंच पर उपस्थित देश के चर्चित रचनाकारों ने अपने काव्य-पाठ से पूरे वातावरण को साहित्यिक रंग में सराबोर कर दिया:

  • मंच पर सजे नामचीन कवि: राष्ट्रीय स्तर के सुप्रसिद्ध कवि शंकर कैमूरी, कवयित्री विभा सिंह, डॉ. धर्म प्रकाश मिश्र, पूनम श्रीवास्तव, फारूक अहमद सैय्याफी एवं अंकिता भारती ने अपनी सशक्त रचनाओं का पाठ किया.
  • विविध रंगों की प्रस्तुतियां: कवियों ने जहां एक ओर ओजस्वी कविताओं के जरिए राष्ट्रभक्ति और सामाजिक विसंगतियों पर करारी चोट की, वहीं दूसरी ओर हास्य-व्यंग्य और श्रृंगार रस की रचनाओं से श्रोताओं को हंसने और तालियां बजाने पर विवश कर दिया.
  • सधे मंच संचालन की सराहना: पूरे कवि सम्मेलन का गरिमामय, धाराप्रवाह और शानदार मंच संचालन प्रख्यात उद्घोषक आनंद झा ने किया, जिसकी सभागार में मौजूद सभी साहित्यप्रेमियों ने सराहना की.

वरिष्ठ अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों का लगा मजमा

इस भव्य साहित्यिक संध्या में जिले के प्रशासनिक व नगर निगम के शीर्ष अधिकारियों और जन प्रतिनिधियों ने शिरकत की:

  • प्रशासनिक अधिकारी: नगर आयुक्त, सिविल सर्जन, जिला परिवहन पदाधिकारी (DTO), जिला आपूर्ति पदाधिकारी (DSO), सामान्य शाखा पदाधिकारी, जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी.
  • प्रखंडों से उपस्थिति: नवहट्टा, बनगांव, सोनवर्षा एवं सिमरी बख्तियारपुर नगर निकायों के कार्यपालक पदाधिकारी.
  • निगम प्रतिनिधि व गणमान्य: उप महापौर गुड्डू हयात, नगर स्वच्छता पदाधिकारी देवेंद्र प्रसाद, नगर प्रबंधक, मुख्य रोकड़पाल, वार्ड पार्षद, पार्षद प्रतिनिधि एवं शहर के प्रबुद्ध नागरिक बड़ी संख्या में मौजूद रहे.

'सांस्कृतिक चेतना का माध्यम है हिंदी': नगर आयुक्त

समारोह के सफल समापन पर नगर आयुक्त ने आगत कवियों, अतिथियों, प्रशासनिक पदाधिकारियों, निगम कर्मियों और साहित्यप्रेमियों के प्रति आभार व्यक्त किया:

  • हिंदी की पहचान: नगर आयुक्त ने अपने संबोधन में कहा कि हिंदी केवल अभिव्यक्ति का साधन नहीं, बल्कि भारत की आत्मा और साझी सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक है. ऐसे आयोजनों से समाज में रचनात्मक सोच और बौद्धिक सकारात्मकता का संचार होता है.
  • सफल आयोजन के लिए सम्मान: कार्यक्रम की व्यवस्था को सुव्यवस्थित और उत्कृष्ट बनाने में अग्रणी भूमिका निभाने वाले प्रसेनजीत झा एवं नगर निगम कर्मी सूरज कुमार संडिल्या को नगर निगम की ओर से विशेष रूप से अंगवस्त्र व सम्मान देकर उनके योगदान की सराहना की गई.

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By Vinay Kumar Mishra

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