उच्च शिक्षा के मुद्दे पर नवहट्टा में छिड़ेगा आंदोलन
सरकार द्वारा प्रस्तावित राजकीयकृत डिग्री कॉलेज का अस्थायी संचालन कासिमपुर में किए जाने के निर्णय के विरोध में डिग्री कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने आठ जून से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है.
डिग्री कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने की आठ जून से चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा
नवहट्टा. सरकार द्वारा प्रस्तावित राजकीयकृत डिग्री कॉलेज का अस्थायी संचालन कासिमपुर में किए जाने के निर्णय के विरोध में डिग्री कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने आठ जून से चरणबद्ध आंदोलन शुरू करने की घोषणा की है. इस संबंध में समिति ने जिला प्रशासन, शिक्षा विभाग एवं विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग की है. समिति द्वारा जारी बयान में कहा गया है कि बच्चों की उच्च शिक्षा की सुविधा को नजरअंदाज करते हुए कॉलेज का अस्थायी संचालन प्रखंड क्षेत्र के अंतिम छोर तथा सहरसा-सुपौल सीमा पर स्थित उच्च विद्यालय कासिमपुर में प्रस्तावित किया गया है. इससे प्रखंड के अधिकांश छात्र-छात्राओं को कॉलेज तक पहुंचने में लंबी दूरी तय करनी पड़ेगी तथा शिक्षा ग्रहण करने में अनावश्यक कठिनाइयों का सामना करना होगा.
प्रखंड मुख्यालय में उपलब्ध हैं पर्याप्त संसाधन
समिति का कहना है कि नवहट्टा प्रखंड मुख्यालय में दो राज्य संपोषित उच्च विद्यालय, एक कन्या महाविद्यालय तथा पुराना बीआरसी भवन उपलब्ध है. इन परिसरों में पर्याप्त भवन एवं भूमि मौजूद होने के बावजूद कॉलेज का संचालन कासिमपुर में किए जाने का निर्णय छात्रों और ग्रामीणों के हित में नहीं है. इससे दूर-दराज के गांवों के विद्यार्थियों, विशेषकर छात्राओं को उच्च शिक्षा प्राप्त करने में परेशानी होगी.
छात्रों की सुविधा की अनदेखी का आरोप
डिग्री कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने आरोप लगाया है कि कॉलेज के संचालन स्थल के चयन में प्रखंड के अधिकांश छात्रों एवं अभिभावकों की सुविधा की अनदेखी की गयभ् है. समिति ने कहा कि यदि कॉलेज का संचालन प्रखंड मुख्यालय नवहट्टा अथवा किसी सुगम एवं केंद्रीय स्थान पर नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जायेगा.
मशाल जुलूस से होगी आंदोलन की शुरुआत
समिति के अनुसार आंदोलन के प्रथम चरण में सात जून की शाम जनसमर्थन जुटाने के लिए मशाल जुलूस निकाला जायेगा. इसके बाद आठ जून को धरना-प्रदर्शन आयोजित किया जायेगा. मांगों पर सकारात्मक पहल नहीं होने की स्थिति में आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल जैसे आंदोलनात्मक कार्यक्रम भी चलाए जायेंगे. डिग्री कॉलेज बचाओ संघर्ष समिति ने अनुमंडल पदाधिकारी, जिला पदाधिकारी, जिला शिक्षा पदाधिकारी, विश्वविद्यालय के कुलपति तथा शिक्षा विभाग के अधिकारियों को पत्र सौंपकर शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन, आमरण अनशन एवं भूख हड़ताल कार्यक्रम की सूचना दे दी है. समिति ने कहा कि यह आंदोलन क्षेत्र के छात्र-छात्राओं के भविष्य और उच्च शिक्षा की बेहतर व्यवस्था सुनिश्चित करने के उद्देश्य से किया जा रहा है.