सहरसा जिले के सोनबरसा राज थाना क्षेत्र अंतर्गत खजुरहा गांव में शुक्रवार की शाम से लापता 6 वर्षीय मासूम बालक का शव शनिवार की सुबह गांव से सटे जंगली-झाड़ी वाले इलाके से बरामद किया गया. मृत बच्चे की पहचान खजुरहा गांव के वार्ड नंबर 5 निवासी मन्ना मुखिया के पुत्र पियूष कुमार के रूप में हुई है. शव मिलने की खबर फैलते ही घटनास्थल पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई और परिजनों में चीत्कार मच गया. सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की तफ्तीश शुरू कर दी है.
शाम को अचानक लापता हुआ था मासूम
परिजनों के अनुसार, छह वर्षीय पियूष कुमार शुक्रवार की शाम करीब पांच बजे घर के पास खेलते हुए अचानक लापता हो गया था. देर शाम तक जब बच्चा घर वापस नहीं लौटा, तो परिजनों की चिंता बढ़ गई. इसके बाद परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने मिलकर रातभर गांव के विभिन्न रास्तों, गलियों और संभावित ठिकानों पर सघन खोजबीन की, लेकिन बच्चे का कहीं कोई सुराग नहीं मिला.
थाना जाने की तैयारी में थे परिजन, तभी मिली झाड़ियों में शव की सूचना
शनिवार की सुबह परिजन बच्चे की गुमशुदगी की औपचारिक सूचना देने और प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने जाने की तैयारी कर रहे थे. इसी दौरान सुबह गांव के कुछ लोगों की नजर गांव से सटे सुनसान जंगल और झाड़ियों के बीच पड़े एक बच्चे के शव पर पड़ी. प्रत्यक्षदर्शियों ने तुरंत इसकी जानकारी गांव में दी. मौके पर पहुंचे परिजनों ने जब बच्चे की पहचान पियूष के रूप में की, तो परिवार में कोहराम मच गया. मां सहित अन्य परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
पोस्टमार्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का वास्तविक कारण
घटना की जानकारी मिलते ही सोनबरसा राज थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में लिया. पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और ग्रामीणों व परिजनों से पूछताछ की. हालांकि, बच्चे की मौत किन परिस्थितियों में हुई—यह किसी दुर्घटना का परिणाम है या किसी साजिश के तहत वारदात को अंजाम दिया गया है—यह अभी स्पष्ट नहीं हो सका है. पुलिस का कहना है कि शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा जा रहा है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा.
गांव में मातम और आक्रोश, निष्पक्ष जांच की मांग
इस हृदयविदारक घटना के बाद पूरे खजुरहा गांव में शोक की लहर दौड़ गई है और सन्नाटा पसरा हुआ है. ग्रामीणों ने घटना को लेकर गहरा आक्रोश व्यक्त करते हुए पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की है. ग्रामीणों का कहना है कि घर से गायब होने से लेकर झाड़ी में शव मिलने तक की पूरी कड़ी की गहनता से जांच की जाए और यदि इसमें किसी की संलिप्तता पाई जाती है, तो दोषियों के खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए.
