मैट्रिक व इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को किया गया पुरस्कृत

गलफरिया मोहनिया गांव में समग्र ग्राम सेवा समिति के तहत फूले-आंबेडकर जयंती के अवसर पर भव्य सम्मान समारोह, विचार गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया.

फूले-आंबेडकर जयंती के अवसर पर सम्मान समारोह, विचार गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का हुआ आयोजन

सहरसा. जिले के सिमरी बख्तियारपुर प्रखंड के सुदूर कोसी क्षेत्र में स्थित गलफरिया मोहनिया गांव में समग्र ग्राम सेवा समिति के तहत फूले-आंबेडकर जयंती के अवसर पर भव्य सम्मान समारोह, विचार गोष्ठी एवं प्रदर्शनी का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत भारतीय संविधान की प्रस्तावना के सामूहिक पाठ के साथ की गयी. जिसने पूरे आयोजन को एक वैचारिक एवं प्रेरणादायी आधार प्रदान किया. गोष्ठी का मुख्य विषय आधुनिक भारत के शिल्पकार फूले, मंडल एवं आंबेडकर था. वक्ताओं ने सामाजिक न्याय, समानता एवं शिक्षा के महत्व पर प्रकाश डालते समाज में जागरूकता लाने की आवश्यकता पर बल दिया. इस अवसर पर विशेष रूप से डॉ भीमराव आंबेडकर के जीवन पर आधारित एक विस्तृत प्रदर्शनी लगायी गयी, जो कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रहा. प्रदर्शनी में आंबेडकर के बचपन से लेकर उनके द्वारा 1955 में बौद्ध धर्म ग्रहण करने तक की जीवन यात्रा को दर्शाया गया. साथ ही उनके द्वारा लिखित हस्तलिखित पांडुलिपियों एवं महत्वपूर्ण दस्तावेजों की झलक भी प्रस्तुत की गयी. यह दस्तावेज राष्ट्रीय अभिलेखागार, नयी दिल्ली से प्राप्त किये गये हैं, जिससे प्रदर्शनी की प्रमाणिकता, महत्व और बढ़ गयी. प्रदर्शनी की यह महत्वपूर्ण पहल दिल्ली विश्वविद्यालय के इतिहास विषय के शोधार्थी रमेश कुमार के अगुवाई में संपन्न हुई. उन्होंने अपने शोध कार्य के दौरान कई वर्षों तक राष्ट्रीय, राज्य, क्षेत्रीय एवं जिला स्तरीय अभिलेखागारों में समय बिताया है. उनके इसी गहन अध्ययन एवं अनुभव का परिणाम है कि इस सुदूर ग्रामीण क्षेत्र में इतनी समृद्ध एवं प्रामाणिक प्रदर्शनी संभव हो सकी. इस पहल ने गांव में ज्ञान एवं इतिहास को सीधे लोगों तक पहुंचाने का एक सराहनीय उदाहरण प्रस्तुत किया. समग्र ग्राम सेवा समिति द्वारा यह सराहनीय कार्य पिछले आठ वर्षों से अधिक समय से लगातार किया जा रहा है.

हर वर्ष इस अवसर पर मैट्रिक एवं इंटरमीडिएट उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं को प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के साथ अन्य सभी सफल विद्यार्थियों को भी प्रोत्साहन पुरस्कार देकर सम्मानित किया जाता है. इस पहल का सकारात्मक परिणाम यह है कि आज गांव के अनेक छात्र-छात्राएं दिल्ली विश्वविद्यालय, जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय एवं बनारस हिंदू विश्वविद्यालय जैसे केंद्रीय विश्वविद्यालयों में दाखिला लेकर अपने गांव एवं समाज का नाम रोशन कर रहे हैं. ग्रामीणों ने इस आयोजन में बढ़-चढ़कर भाग लिया एवं पूरे उत्साह के साथ कार्यक्रम को सफल बनाया. स्थानीय लोगों का कहना था कि इस तरह के आयोजन ना केवल जयंती मनाने का माध्यम है, बल्कि समाज में जागरूकता एवं बदलाव लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम भी है. समग्र ग्राम सेवा समिति के इस प्रयास को क्षेत्र में व्यापक सराहना मिल रही है.

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By Dipankar Shriwastaw

Dipankar Shriwastaw is a contributor at Prabhat Khabar.

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