रातभर जाग रहे बीरगांव के लोग, कोसी का कटाव बढ़ा; स्कूल और पंचायत भवन नदी के निशाने पर

बीरगांव पंचायत के वार्ड छह और सात में कोसी नदी के बढ़ते कटाव ने ग्रामीणों में दहशत फैला दी है. नदी के किनारे बसे घरों, मध्य व उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और पंचायत भवन पर खतरा मंडरा रहा है. ग्रामीण रात भर जागकर पहरा देने को मजबूर हैं.

Mahishi Kosi Erosion: कोसी नदी का पानी जितना बढ़ता है, उसके किनारे बसे लोगों की चिंता उतनी ही गहरी होती जाती है. महिषी प्रखंड की बीरगांव पंचायत में इन दिनों यही डर ग्रामीणों की रातों की नींद छीन रहा है. वार्ड संख्या छह और सात में कोसी का कटाव तेजी से हो रहा है और नदी अब उन जगहों की ओर बढ़ रही है, जहां विद्यालय, पंचायत भवन और लोगों के घर मौजूद हैं.

कटाव की रफ्तार को देखते हुए ग्रामीणों में दहशत है. कई लोग अपने घर और आसपास के इलाकों की निगरानी के लिए रात में रतजगा कर रहे हैं. ग्रामीणों को आशंका है कि यदि जल्द कटावरोधी काम शुरू नहीं हुआ तो कई घरों के साथ सरकारी भवन भी नदी की चपेट में आ सकते हैं.

कुछ ही दूरी पर है विद्यालय और पंचायत भवन

बीरगांव पंचायत के वार्ड छह और सात में जिस स्थान पर कोसी कटाव कर रही है, उसके मुहाने पर मध्य एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालय और पंचायत भवन स्थित हैं.

इन भवनों के अलावा आसपास कई ग्रामीणों के घर भी मौजूद हैं. कटाव लगातार आगे बढ़ने के कारण लोगों को अब अपने आशियाने की चिंता सताने लगी है.

ग्रामीणों का कहना है कि नदी का कटाव इसी गति से जारी रहा तो स्थिति कभी भी गंभीर हो सकती है. विद्यालय और पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक भवनों के साथ बड़ी संख्या में परिवार प्रभावित हो सकते हैं.

रात में रतजगा कर रहे ग्रामीण

कटाव की वजह से ग्रामीणों में सिर्फ चिंता नहीं, बल्कि हर समय अनहोनी का डर बना हुआ है. नदी के किनारे रहने वाले लोग रात में भी स्थिति पर नजर रख रहे हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि कटाव की गति को देखते हुए यह पता नहीं कि नदी कब जमीन का बड़ा हिस्सा काटकर अपने साथ ले जाये. इसी वजह से लोग रात में जागकर नदी के किनारे की स्थिति देखते हैं.

बारिश और नदी के बढ़ते दबाव के बीच लगातार कटती जमीन ने ग्रामीणों के लिए खतरा और बढ़ा दिया है.

‘जल्द काम नहीं हुआ तो नदी में समा सकते हैं घर’

स्थानीय मुखिया सह रालोमो जिला अध्यक्ष अर्चना आनंद ने बताया कि बीरगांव के वार्ड छह और सात में कटाव की स्थिति गंभीर है.

उन्होंने कहा कि यदि शीघ्र कटावरोधी कार्य नहीं कराया गया तो विद्यालय, पंचायत भवन सहित कई गृहस्वामियों के आशियाने नदी में विलीन हो सकते हैं.

मुखिया ने प्रशासन से स्थिति को गंभीरता से लेते हुए तत्काल मौके पर कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है.

डीएम से की अविलंब कार्रवाई की मांग

मुखिया अर्चना आनंद ने जिलाधिकारी को दूरभाष के माध्यम से त्राहिमाम संदेश देते हुए जनहित में अविलंब कटावरोधी कार्य कराने की मांग की.

उन्होंने जिलाधिकारी को कटाव की मौजूदा स्थिति से अवगत कराया और बताया कि नदी लगातार तेजी से कटाव कर रही है. मुखिया के अनुसार, जिलाधिकारी ने मामले में त्वरित निदान का भरोसा दिलाया है.

अब ग्रामीणों की नजर प्रशासन की कार्रवाई पर है. लोगों की मांग है कि कटावरोधी काम सिर्फ आश्वासन तक सीमित न रहे, बल्कि मौके पर तत्काल काम शुरू कराया जाये.

Mahishi Kosi Erosion: स्कूल और घर बचाने की चुनौती

बीरगांव में मौजूदा स्थिति प्रशासन के लिए भी चुनौती है. एक तरफ ग्रामीण अपने घर बचाने की चिंता में हैं, तो दूसरी तरफ विद्यालय और पंचायत भवन जैसे सार्वजनिक परिसरों को सुरक्षित रखना भी जरूरी है.

यदि कटाव को समय रहते नियंत्रित नहीं किया गया तो इसका असर बच्चों की पढ़ाई और पंचायत से जुड़ी सरकारी गतिविधियों पर भी पड़ सकता है. सबसे बड़ा खतरा उन परिवारों के सामने है, जिनके घर नदी के करीब हैं.

ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल कटावरोधी कार्य शुरू कराने की मांग की है, ताकि कोसी की धारा को आगे बढ़ने से रोका जा सके और लोगों के घर, विद्यालय तथा पंचायत भवन को सुरक्षित बचाया जा सके.

फिलहाल ग्रामीण रात में जागकर नदी की निगरानी कर रहे हैं और प्रशासन के त्वरित हस्तक्षेप का इंतजार कर रहे हैं.

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लेखक के बारे में

By दीपांकर श्रीवास्तव

दीपांकर श्रीवास्तव प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के सहरसा कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

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